हाल ही में रिलीज हुई शॉर्ट फिल्म Sexaholic इन दिनों यूपी के युवाओं के बीच भी चर्चा का विषय बनी हुई है। अब तक इस फिल्म को यू-ट्यूब पर 21 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं। यूपी में भी युवाओं के बीच इस शॉर्ट फिल्म को लेकर चर्चा है। दरअसल इस फिल्म में एक्ट्रेस शमा सिंकदर को सेक्सहॉलिक दिखाया गया जो सेक्स करने के लिए परेशान रहती है। फिल्म का शुरुआती हिस्सा देखकर कोई भी इसे अश्लील फिल्म कह सकता है लेकिन यह फिल्म एक संदेश के लिए बनी है जिसमें इस बीमारी (निम्फोमेनिया) से पीड़ित इंसान की स्थिति को दर्शाया गया है। हमने यूपी के युवाओं से इस शॉर्ट फिल्म को लेकर राय जानी-
बीटेक स्टूडेंट रविंदर पाल कहते हैं कि फिल्म का ट्रेलर देखकर हर कोई यह सोचेगा कि फिल्म अश्लील है लेकिन सही मायने में यह फिल्म एक गंभीर बीमारी से पीड़ित एक महिला की स्थिती दर्शाती है। फिल्म की लीड एक्ट्रेस शमा सिकंदर ने उस किरदार को बेहद गंभीरता से निभाया। वहीं एमबीए की पढ़ाई कर रहे आदित्य रस्तोगी का कहना है कि सिनेमा अब बदल रहा है और दर्शक भी काफी मेच्योर हो रहे हैं। लोग इस शॉर्ट फिल्म का संदेश समझ रहे हैं। यह शॉर्ट फिल्म काफी सीरियस मैसेज देती है। वहीं एमएड स्टूडेंट प्रतिमा श्रीवास्तव का कहना है कि इस तरह की फिल्मों से अवेयरनेस बढ़ती है। यह फिल्म कोई भी अश्लील संदेश नहीं देती बल्कि एक पीडि़त की मनोदशा दिखाती है।
केजीएमयू के मानसिक रोग विभाग में मैरिटल एंड साइको सेक्सुअल क्लीनिक चलाने वाले वरिष्ठ मनोरोग चिकित्सक डॉ. आदर्श त्रिपाठी ने बताया कि निम्फोमैनिया बहुत सामान्य बीमारी है, लेकिन अगर इसका समय पर इलाज नहीं कराया गया तो ये बहुत खतरनाक स्थिति में पहुंच सकती है।
इस बीमारी में लड़कियों के शरीर में हॉर्मोन डिसबैलेंस्ड हो जाते हैं जिसके बाद वह सेक्स की भूखी हो जाती है। यानी हार्मोन्स में गड़बड़ी की वजह से हाइपर सैक्सुअलिटी हो जाती है।