
लखनऊ : अमेरिका और इजराइल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई की मौत हो गई। खामनेई की मौत के बाद यूपी में भी शिया समुदाय के मुस्लिम भावुक हो गए। लखनऊ में हजारों की संख्या में महिलाएं, बच्चे और पुरुष सड़कों पर उतर आए। लोग हाथों में पोस्टर लिए रोते हुए नजर आ रहे हैं। सीएम योगी ने अधिकारियों की मीटिंग ली और एहतियात बरतने के निर्देश दिए।
लखनऊ में शिया मुसलमानों ने छोटा इमामबाड़ा से बड़ा इमामबाड़ा तक जुलूस निकाला। लोगों ने हाथों में पोस्टर ले रखे थे। खामनेई जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे। वहीं कुछ महिलाएं और पुरुष रो रहे थे। महिलाएं रोते हुए नारा लगा रही थीं। एक से बढ़कर एक जलील अमेरिका और इजराइल, बाप और बेटे दोनों जलील, अमेरिका और इजराइल।
अमरोहा के नौगावां सादात और सैदनगली कस्बों में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे। खामेनेई की मौत की सूचना के बाद शिया समुदाय ने मातमी जुलूस निकालकर शोक व्यक्त किया। शिया धर्मगुरु मौलाना कोकब मुज्तबा ने विश्वभर के शिया मुसलमानों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में शोक सभाएं आयोजित करें और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाएं।
जौनपुर के कल्लू इमामबाड़ा में भी लोगों ने नारेबाजी की। मौलाना मोहम्मद रजा ने कहा कि इस घटना के बाद वैश्विक व्यवस्था पर असर पड़ेगा। उन्होंने अमेरिका और इजराइल की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान होना चाहिए, वरना भविष्य में अन्य देश भी ऐसे हालात का सामना कर सकते हैं।
संभल के सिरसी बाजार में शिया समुदाय के लोगों ने बाजार बंद कर प्रदर्शन किया। नगर पंचायत सिरसी और आसपास के गांवों- जैसे बुकनाला, नूरियो सराय और सिरपुड़ा, के कई परिवारों के सदस्य ईरान में रहते हैं। इसी कारण स्थानीय लोगों में गहरी भावनात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली।
ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने तीन दिन के शोक का ऐलान किया है। बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास के अनुसार, लोग अपने घरों पर काले झंडे लगाएंगे, काले वस्त्र धारण करेंगे और अयातुल्ला खामेनेई की याद में रोजाना मजलिस का आयोजन करेंगे।