लखनऊ

शिवपाल यादव के उपचुनाव न लड़ने पर आई खबर, प्रसपा लोहिया की यह है प्लानिंग

अलग राह पर चल समाजवादी पार्टी की मुश्किलें बढ़ा रहे प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के मुखिया शिवपाल सिंह यादव आगामी विधानसभा उपचुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं हैं।
3 min read
• •
Updated: 21 Jun 2019, 8:04 PM IST
Shivpal mulayam
Shivpal mulayam

लखनऊ. अलग राह पर चल समाजवादी पार्टी की मुश्किलें बढ़ा रहे प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के मुखिया शिवपाल सिंह यादव आगामी विधानसभा उपचुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं हैं। ऐसा उनके पार्टी पधाकियारियों का कहना है। लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद शिवपाल यादव का पूरा फोकस पार्टी संगठन को मजबूत करने पर है। और उनका मिशन 2022 के लोकसभा चुनाव को फतह करना है। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में प्रसपा का खाता भी नहीं खुला था। पार्टी के मुखिया शिवपाल सिंह यादव खुद भी अपनी सीट नहीं बचा पाए थे। हाल के दिनों में शिवपाल पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ खूब बैठकें कर रहे हैं, लेकिन आगामी उपचुनाव के मैदान में उनका न उतरना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं भाजपा, सपा, बसपा, कांग्रेस समेत कई अन्य क्षेत्रिय दल इसमें अपनी ताकत झोंक रहे हैं। आपको बता दें कि लखनऊ कैंट, फिरोजाबाद की टुंडला सु., कानपुर की गोविंदनगर, प्रतापगढ़ सदर, कैराना की गंगोह, चित्रकूट की मानिकपुर, बाराबंकी की जैदपुर सु., बहराइच की बलहा सु., अलीगढ़ की इगलास, रामपुर सदर व अम्बेडकरनगर की जलालपुर विस सीटों पर उपचुनाव होना है।

सपा व भाजपा को चुनौती देने की है तैयारी-
यूपी की 12 विधानसभा सीटों पर इस वर्ष उपचुनाव होने हैं। प्रसपा से जुड़े सूत्रों की मानें तो शिवपाल इस चुनाव में कोई प्रत्याशी नहीं उतारेंगे। वे 2022 विधानसभा से पहले प्रसपा संगठन को मजबूत करेंगे जिसके लिए वे वरिष्ठ पदाधिकारियों व नेताओं संग कार्ययोजना तैयार कर रहे हैं। उपचुनाव न लड़ने पर हाल ही में 10 जून से 13 जून तक प्रसपा की संपन्न हुई बैठक में चर्चा हुई थी। वहीं 2022 विधानसभा चुनाव में सपा व भाजपा को कैसे पटखनी देनी है इसका भी प्लान तैयार किया जा रहा है। संगठन को मजबूत करने के लिए सोशल मीडिया और एक्सपर्ट की भी मदद ली जाएगी।

शहरी व ग्रामीण इलाकों पर फोकस-
प्रसपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया है कि प्रसपा को लोकसभा चुनाव से बहुत कुछ सीखने को मिला है और अब पार्टी का पूरा ध्यान 2022 विधानसभा चुनाव पर है। इसके लिए पार्टी तैयारियों में जुट गई है। जनता के बीच पैठ बनाने का हमारे पास सुनहरा मौका है। हम लोग एक्सपर्ट से भी मदद लेंगे वहीं शहरी व ग्रामीण इलाकों में प्रसपा खुद को कैसे पेश करेगी, इस पर काम किया जा रहा है।

सोशल नेटवर्क का जाल बिछाने की भी है तैयारी-

यही नहीं सूत्रों के मुताबिक प्रसपा की रणनीति है कि वह घर-घर जाकर अब कार्यकर्ता बनाने का काम करेगी, जिसमें युवाओं, युवतियों व महिलाओं को प्रमुखता से शामिल किया जाएगा। वहीं इसके साथ ही 2022 चुनाव से पूर्व पूरे यूपी में एक बड़ा सोशल नेटवर्क तैयार करने का लक्ष्य भी प्रसपा ने रखा है।

Published on:
Also Read
View All
यूपी चुनाव 2027: चिराग पासवान का बड़ा ऐलान, NDA से गठबंधन नहीं हुआ तो सभी 403 सीटों पर अकेले लड़ेंगे चुनाव

सपनों की दुनिया में जी रही है कांग्रेस: विपक्ष के ‘तख्तापलट’ वाले अरमानों पर शिवराज सिंह का करारा तंज

‘पहले भगवान श्रीकृष्ण, अब भगवान राम’, धीरेंद्र शास्त्री के नए वायरल वीडियो पर भड़के अखिलेश यादव, कहा- सभी कार्यक्रम रद्द हो

‘UP में बड़े पैमाने पर कटे वोट’, SIR पर आराधना मिश्रा ने योगी सरकार को घेरा; CM योगी और गृह मंत्री के बयानों पर उठाए सवाल

‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’, पंकज चौधरी का विपक्ष पर आरोप- बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे हालात बनाना चाहता है INDI गठबंधन