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‘चौकीदार राज में हो रही चोरी’, सपा सांसद रुचि वीरा बोलीं- चंपत राय-अनिल मिश्रा का इस्तीफा महज दिखावा!

Ram Mandir News: 'इस्तीफा नहीं, दिखावा है', अयोध्या के राम मंदिर में कथित चंदा चोरी और चंपत राय-अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर सपा सांसद रुचि वीरा ने भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।
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लखनऊ

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Mohsina Bano

Jun 27, 2026

Ruchi Veera, Ram Mandir Donation Scam, Champat Rai Resignation, UP Politics, Ayodhya News, Ram Mandir Donation Scam, Ram MAndir SIT Report, UP News

चंपत राय के इस्तीफे को सपा सांसद ने बताया दिखावा ( फोटो- पत्रिका)

Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या के राम मंदिर में कथित चंदा चोरी और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से चंपत राय व अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति पूरी तरह से गरमा गई है। इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी की सांसद रुचि वीरा ने भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम और इस्तीफे को महज एक दिखावा करार दिया।

इस्तीफे को बताया भद्दा मजाक

सपा सांसद रुचि वीरा ने चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने की बात कहना एक भद्दे मजाक के अलावा और कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर मंदिर और चंदे की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी उनके राज में इतनी बड़ी चोरी हो गई और अब नैतिकता का ढोंग रचा जा रहा है।

चौकीदार को सामने आकर देना चाहिए जवाब

रुचि वीरा ने सीधे तौर पर निशाना साधते हुए कहा कि "एक तरफ चौकीदार ने जनता से तरह तरह के बड़े-बड़े वादे किए और तीन बार सत्ता हासिल की, लेकिन दूसरी तरफ उसी चौकीदार के राज में अब राम मंदिर में चोरी की घटनाएं हो रही हैं।" उन्होंने कहा कि यह देश भर के करोड़ों राम-भक्तों की गहरी आस्था के साथ सीधा खिलवाड़ है। सांसद ने स्पष्ट मांग की कि अब चौकीदार को सामने आकर इस पूरी घटना पर जवाब देना चाहिए।

बड़ों को बचाने के लिए छोटों पर न गिरे गाज

सपा सांसद ने पुलिस की जांच और कार्रवाई की निष्पक्षता पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि मुझे उम्मीद है कि ताकतवर और रसूखदार लोगों को बचाने के लिए कमजोर लोगों को मोहरा नहीं बनाया जाएगा। रुचि वीरा ने कहा कि असली दोषियों को सजा मिलनी चाहिए और किसी बड़े नेता या अधिकारी के किए गए पाप की सजा किसी निर्दोष या कमजोर को नहीं मिलनी चाहिए।

SIT जांच पर टिकी निगाहें

राम मंदिर चढ़ावा मामले में एफआईआर दर्ज होने और ट्रस्ट के दो प्रमुख पदाधिकारियों के इस्तीफे की खबरों के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें एसआईटी जांच पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित अनियमितताओं के पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं और आगे क्या कार्रवाई होती है।