
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी (फाइल फोटो- पत्रिका)
Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या राम मंदिर में चंदा चोरी और हेराफेरी के मामले में पुलिस की कानूनी कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ रही है। दान-गबन मामले में गिरफ्तार किए गए सभी नामजद आरोपियों का शुक्रवार को मेडिकल परीक्षण शुरू कर दिया गया है। प्रशासन इस हाई प्रोफाइल मामले में हर कानूनी-प्रक्रिया का बारीकी से पालन कर रहा है।
गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस लाइन अस्पताल लाया गया है। आरोपियों के स्वास्थ्य और फिटनेस की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेष व्यवस्था की गई है। मेडिकल परीक्षण की इस अहम प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा करने के लिए जिला अस्पताल की एक विशेष मेडिकल टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पुलिस लाइन अस्पताल में मौजूद जिला अस्पताल की इस मेडिकल टीम में एक वरिष्ठ डॉक्टर और एक फार्मासिस्ट शामिल हैं। यह टीम एक एक करके सभी आरोपियों की विस्तृत स्वास्थ्य जांच कर रही है। कानून के मुताबिक किसी भी आरोपी को अदालत में पेश करने या जेल भेजने से पहले उसका मेडिकल परीक्षण कराना अनिवार्य होता है।
गौरतलब है कि रामलला के खजाने में सेंधमारी करने वाले इन सभी 8 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मेडिकल परीक्षण की रिपोर्ट तैयार होने के बाद पुलिस इन सभी आरोपियों को संबंधित अदालत के सामने पेश करेगी। माना जा रहा है कि पुलिस अदालत से आरोपियों की रिमांड मांग सकती है ताकि चोरी किए गए चंदे की रकम और इस गिरोह से जुड़े अन्य तारों का पूरी तरह से पर्दाफाश किया जा सके।
चढ़ावे की रकम में कथित चोरी और हेराफेरी के मामले में मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर गिरफ्तारी की है। इस मुकदमे में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष और करुणेश के नाम शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इन सभी आरोपियों के खिलाफ नई भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत चोरी, विश्वासघात और आपराधिक साजिश रचने जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
संबंधित विषय:
Updated on:
26 Jun 2026 05:02 pm
Published on:
26 Jun 2026 05:01 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
