
राम मंदिर के CEO को लेकर बड़ी खबर! (photo- x@ShriRamTeerth)
Ram Mandir Donation Dispute Row: मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की नगरी अयोध्यामें बने भव्य राम मंदिर के संचालन के लिए पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति प्रक्रिया अब अंतिम दौर में पहुंच गई है। इस पद के लिए करीब 5200 आवेदन मिले थे, जिनकी स्क्रीनिंग के बाद केवल 18 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए चुना गया है। इन उम्मीदवारों का फाइनल इंटरव्यू 11 और 12 अगस्त को अयोध्या राम मंदिर परिसर में होगा। अब इन 18 उम्मीदवारों में से किसे राम मंदिर का पहला CEO बनाया जाएगा, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं। CEO के नाम की घोषणा कब होगी, इसकी तारीख भी सामने आ गई है।
राम मंदिर में व्यवस्थाओं के संचालन को बेहतर बनाने के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई थी। सेवानिवृत्त जस्टिस प्रमोद कोहली की अध्यक्षता वाली 3 सदस्यीय चयन समिति ने CEO पद के लिए आए करीब 5200 आवेदनों की स्क्रीनिंग पूरी कर ली है। स्क्रीनिंग के बाद 18 उम्मीदवारों को अंतिम इंटरव्यू के लिए चुना गया है। इन सभी का इंटरव्यू 11 और 12 अगस्त को राम मंदिर परिसर में होगा।
CEO पद के उम्मीदवारों का इंटरव्यू तीन सदस्यीय चयन समिति करेगी। इसमें पूर्व जस्टिस प्रमोद कोहली के अलावा लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) विष्णुकांत चतुर्वेदी और शिरडी साईं बाबा ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन एवं वैज्ञानिक सुरेश हवारे शामिल हैं। इन्हीं उम्मीदवारों में से किसी एक को राम मंदिर का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनाए जाने की संभावना है।
ट्रस्ट की ओर से CEO पद के लिए उम्मीदवारों के लिए कई योग्यताएं तय की गई हैं। उम्मीदवार की उम्र 50 से 70 साल के बीच होनी चाहिए। इसके अलावा उसे हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का अच्छा ज्ञान होना जरूरी है। उम्मीदवार का भारतीय नागरिक होना भी अनिवार्य है। विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिक भी तभी पात्र माने जाएंगे, जब उनके पास भारतीय नागरिकता हो।
CEO पद के लिए उम्मीदवार के पास प्रशासन और प्रबंधन का अच्छा अनुभव होना चाहिए। इसके साथ ही नेतृत्व क्षमता और अच्छा व्यवहार भी जरूरी योग्यता में शामिल है। प्रशासनिक अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दिए जाने की बात कही गई है। उम्मीदवार की भगवान राम और सनातन में आस्था होने की शर्त भी रखी गई है। वह देश के किसी भी हिस्से यानी उत्तर, दक्षिण, पूर्व या पश्चिम से हो सकता है।
CEO पद के लिए निर्धारित शर्तों में उम्मीदवार का शाकाहारी होना भी शामिल है। उम्मीदवार को मांस, मदिरा और नशे से दूर रहना अनिवार्य बताया गया है। इस तरह चयन प्रक्रिया में सिर्फ प्रशासनिक और प्रबंधन क्षमता ही नहीं, बल्कि उम्मीदवार की व्यक्तिगत जीवनशैली से जुड़ी कुछ शर्तों को भी शामिल किया गया है।
राम मंदिर में दान और चढ़ावे की गिनती के दौरान हेराफेरी और चोरी का मामला सामने आने के बाद CEO की नियुक्ति की प्रक्रिया को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस मामले की जांच उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गठित विशेष अनुसंधान दल यानी SIT कर रहा है। ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने और मंदिर की व्यवस्थाओं के संचालन को व्यवस्थित करने के लिए CEO की नियुक्ति की जा रही है।
राम मंदिर के पहले CEO के लिए 18 उम्मीदवारों का फाइनल इंटरव्यू 11 और 12 अगस्त को होगा। इसके बाद चयन प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। राम मंदिर सूत्रों के मुताबिक, बताया जा रहा है कि 2 सितंबर को राम मंदिर के पहले CEO के नाम का खुलासा हो सकता है। अब 5200 आवेदकों में से चुने गए 18 उम्मीदवारों में कौन इस जिम्मेदारी को संभालेगा, इस पर सभी की नजरें हैं।
बता दें कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पद के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होते ही पहला आवेदन उत्तर प्रदेश कैडर के पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर (Amitabh Thakur) की ओर से पहुंचा था। अमिताभ ठाकुर का कहना था कि ट्रस्ट द्वारा तय की गई सभी पात्रताओं और अनुभव संबंधी शर्तों को वह पूरा करते हैं। उनके मुताबिक, लंबे प्रशासनिक अनुभव के चलते वह इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को निभाने में सक्षम हैं।
Updated on:
11 Aug 2026 11:35 am
Published on:
11 Aug 2026 11:35 am
