
राम मंदिर (IANS Photo)
Ayodhya Ram Mandir Donation Theft: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में एसआईटी जांच के बीच स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने नई व्यवस्था लागू की है। बैंक प्रबंधन ने नोटों की गणना के लिए सेना से रिटायर्ड 10 बैंक कर्मियों को ड्यूटी पर लगाया है। यह कदम पारदर्शिता, ईमानदारी और व्यवस्थित गणना सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
एसबीआई की अलग-अलग शाखाओं में कार्यरत इन 10 कर्मचारियों को राम मंदिर में दान की राशि की गिनती का काम सौंपा गया है। गणना के लिए कुल 12 कर्मचारियों की जरूरत बताई गई है, फिलहाल 10 को यह जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा गणना कार्य की पूरी निगरानी के लिए एक प्रभारी और क्लास-टू लेवल के अफसर को सुपरविजन के लिए तैनात किया गया है। ये सभी बैंक के नियमित स्टाफ हैं। एसओपी के अनुपालन में यह नई व्यवस्था बनाई गई है ताकि कोई गड़बड़ी न हो।
बैंक प्रबंधन ने सिक्योरिटी सर्विस की सेवा समाप्ति के लिए सर्कुलर भी जारी कर दिया है। इस एजेंसी से जुड़े तीन कर्मियों को रोक लिया गया है, जिनकी जिम्मेदारी दानपात्रों की पेटियों को खाली कराने, गणना स्थल तक पहुंचाने और गणना के बाद सुरक्षित बैंक तक लाने-ले जाने की थी। एजेंसी के शेष कर्मियों को राम मंदिर से हटा दिया गया है। पहले यहां करीब तीन दर्जन कर्मचारी कार्यरत थे। चढ़ावा चोरी के आरोप में जेल में बंद आठ आरोपियों में से छह इसी एजेंसी के माध्यम से गणना कार्य में लगाए गए थे।
जांच में सामने आया कि अनुबंधित एजेंसी के पास वित्तीय प्रबंधन का कोई अनुभव नहीं था, फिर भी उसे चढ़ावे की धनराशि के प्रबंधन में शामिल कर लिया गया। कर्मचारियों को ड्रेस कोड और पुलिस जांच से भी छूट दी गई थी। इसका फायदा उठाकर आरोपियों ने करोड़ों का गोलमाल किया। आपसी फूट के कारण रहस्य खुला और चोरी की धनराशि भी बरामद हुई। प्राथमिकी दर्ज कराने में देरी के कारण ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र को त्यागपत्र देना पड़ा था।
Updated on:
09 Aug 2026 09:58 pm
Published on:
09 Aug 2026 09:58 pm
