Shivpal vs Akhilesh: समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के मध्य छिड़ा सियासी संघर्ष अब और तेज हो गया है। शिवपाल ने अब सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के खिलाफ ही बोलना शुरू कर दिया।
सपा पार्टी में चल रही राजनीति आगे बढ़ती ही जा रही है। शिवपाल यादव ने आजम खान से मिलने का बाद नेताजी यानि मुलायम यादव के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया। बगावत की राह पर शिवपाल ने कहा कि सपा ने कोई संघर्ष नहीं किया। यहां तक मुलायम यादव पर भी प्रश्नचिन्ह लगा दिया। इतना ही नहीं बल्कि निकलने से पहले शिवपाल सिंह यादव अपने साथ कई सपा नेताओं को भी जोड़ना चाहते हैं।
दरअसल, जसवंतनगर से समाजवादी पार्टी के विधायक शिवपाल सिंह यादव ने जेल में बंद सपा नेता आजम खां से करीब घंटे भर की मुलाकात के बाद समाजवादी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस समय विधानसभा में आजम भाई से वरिष्ठ कोई भी विधायक नहीं है। समाजवादी पार्टी उनके लिए संघर्ष करते नहीं दिख रही है। शिवपाल सिंह यादव ने अखिलेश यादव के साथ पहली बार मुलायम सिंह यादव पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि नेताजी चाहते तो अब तक आजम खां अब तक जेल से आजाद हो गए होते। नेताजी ने कुछ नहीं किया, लोकसभा में भी मामला नहीं उठाया। वह चाहते तो धरना कर सकते थे।
सीनियर नेता हैं आजम भाई
शिवपाल सिंह यादव ने कहा, 'इतने सीनियर नेता होने के बावजूद भी आजम भाई की मदद नहीं हो पा रही है। सपा भी कोई संघर्ष करते हुए दिख नहीं रही है। इतने छोटे-छोटे झूठे मुकदमों पर भी आंदोलन नहीं किया गया। लोकसभा से लेकर राज्यसभा तक सब जगह मुद्दा उठाया जाना चाहिए थाय़ अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा, 'आजम भाई सपा के फाउंडिंग मेंबर हैं, लेकिन उनकी मदद करती सपा दिख नहीं रही है।
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पहली बार नेताजी के खिलाफ बोले शिवपाल
समाजवादियों की पहचान आंदोलन की थी, लेकिन दुर्भाग्य है कि आजम भाई के लिए कोई आंदोलन होता दिखा नहीं। हम तो आजम भाई के साथ हैं और आजम भाई भी मेरे साथ हैं। पहली बार मुलायम के खिलाफ बोलते हुए कहा कि नेताजी ने भी आजम भाई के बारे में नहीं सोचा है। लोकसभा में भी मामला नहीं उठाया। वह चाहते तो धरना कर सकते थे।