लखनऊ

‘ताज महल का नक्शा पास नहीं, उसे भी गिरा देंगे?’, सहारनपुर मस्जिद एक्शन पर भड़के सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी

Saharanpur Mosque Controversy: 'ताज महल का नक्शा पास नहीं तो क्या उसे भी गिरा देंगे', सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद गिराए जाने पर सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए संविधान और अधिकारों का मुद्दा उठाया...
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Sep 06, 2026
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सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी (IANS)

Saharanpur Masjid Demolition Update: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित 70 साल पुरानी मस्जिद पर चल रहे बुलडोजर एक्शन ने सूबे का सियासी पारा चढ़ा दिया है। इस बड़ी कार्रवाई पर समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने राज्य की भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा है कि सरकार के रवैये को देखकर लगता है कि किसी दिन योगी जी कह देंगे कि शाहजहां ने ताज महल का नक्शा पास नहीं करवाया था इसलिए हम ताज महल भी गिरा रहे हैं।

बाबरी मस्जिद से की सहारनपुर एक्शन की तुलना

सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने की कार्रवाई पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद ध्वस्तीकरण के वक्त भी प्रोपगेंडा किया गया था और तमाम सबूतों को ताक पर रखकर कोर्ट को आस्था की बुनियाद पर फैसला करने के लिए मजबूर किया गया। नदवी ने आरोप लगाया कि इन लोगों के इरादे संविधान, दलितों और पिछड़ों के प्रति बिल्कुल ठीक नहीं हैं। ये लोग सरेआम संविधान की धज्जियां उड़ा रहे हैं और चुनाव से ठीक पहले अपनी शपथ के खिलाफ जाकर ऐसी कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये भूल गए हैं कि देश की एकता को बनाए रखने के लिए हिंदू मुस्लिम ने मिलकर कितनी कुर्बानियां दी थीं।

वोटों के ध्रुवीकरण के लिए संविधान से खिलवाड़

नदवी ने सरकार पर सभी धर्मों के रीति-रिवाजों और पर्सनल लॉ में बेवजह दखल देने का गंभीर आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि आज देश में लगातार ऐसे प्रयास हो रहे हैं जो अलग-अलग धर्मों के नियमों में हस्तक्षेप करते हैं। भाजपा की इसी सोच से आज सिख, ईसाई और सबसे ज्यादा मुस्लिम समाज दुखी है। सपा सांसद ने कहा कि कुछ लोग यह समझते हैं कि मुस्लिम समाज को सताकर उनका वोट प्रतिशत बढ़ जाएगा। अपने निजी राजनीतिक स्वार्थ और वोटों के ध्रुवीकरण के लिए ये लोग धर्म और पर्सनल लॉ में दखल दे रहे हैं और वक्फ संशोधन विधेयक भी इसी मंशा के तहत लाया गया है।

संविधान की आत्मा को कुचला जा रहा है

मोहिबुल्लाह नदवी ने सरकार के इस कदम को चिंताजनक बताते हुए कहा कि इस तरह के एक्शन से सिर्फ मुस्लिम समुदाय का ही नुकसान नहीं हो रहा है बल्कि यह देश के हर नागरिक के अधिकारों और भारत के संविधान की आत्मा को कुचलने जैसा है।

क्या है सहारनपुर मस्जिद विवाद

सहारनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में 3000 स्क्वायर फीट में बनी यह मस्जिद करीब 70 साल पुरानी बताई जाती है। 10 फरवरी, 2025 को बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने इसे अवैध बताते हुए DM से शिकायत की थी। उनका आरोप था कि मस्जिद परिसर के कमरों और डाकघर से अवैध किराया वसूला जा रहा है।

डीएम के आदेश पर हुई जांच में मस्जिद अवैध पाई गई। 16 जुलाई, 2026 को नगर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इसे अवैध मानते हुए हटाने और 6.41 करोड़ रुपये का हर्जाना वसूलने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ मस्जिद पक्ष ने 20 जुलाई को जिला कोर्ट में याचिका दायर की लेकिन 2 सितंबर को जिला जज ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए याचिका खारिज कर दी। इसी के बाद शनिवार सुबह 4 बजे से 6 बुलडोजरों की मदद से मस्जिद ढहाने की कार्रवाई शुरू की गई।