यरूशलेम को इजरायल की राजधानी बनाने के अमेरिकी एलान के खिलाफ पूरे देश में मजलिसे ओलमाए हिंद की अपील पर कुद्वस सुरक्षा दिवस मनाया गया।
लखनऊ. यरूशलेम को इजरायल की राजधानी बनाने के अमेरिकी एलान के खिलाफ गुरुवार को पूरे देश में मजलिसे ओलमाए हिंद की अपील पर कुद्वस सुरक्षा दिवस मनाया गया। मजलिसे ओलमाए हिन्द ने जुमा की नमाज के खुतबे में अमेरिकी निर्णय की निंदा की और इजरायल एवं अमेरिकी उत्पादों के बहिष्कार की घोषणा की। कई जगहों पर यरूशलेम को इजरायल की राजधानी बनाने के अमेरिकी एलान के खिलाफ प्रर्दशन किया गया। तमाम इमामे जुमा हजरात ने संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में अमेरिकी फैसले के खिलाफ और फिलीस्तीन के समर्थन में भारतीय रुख की प्रशंसा करते हुए कहा कि हमारा देश हमेशा मजलूमों का समर्थक रहा और भारत ने हमेशा फिलिस्तीनी मजलूमों का साथ दिया है। आसफी जामा मस्जिद में जुमा की नमाज के खुतबे में नमाजियों को संबोधित करते हुए मौलाना सैयद कल्बे जव्वाद नकवी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में भारत के रुख से भारतीय मुसलमानों को बड़ी राहत मिली है। हम भारतीय रूख की प्रशंसा करते हैं और अमेरिकी एलान की निंदा करते है। यरूशलेम पर मुसलमानों का पहला अधिकार है और इजरायल का गासिबाना कब्जा है, इसलिए अमेरिका यरूशलेम को इजरायल की राजधानी बनाने का अधिकार नहीं रखता।
मौलाना ने एकता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ये समय मुसलमानों के एकजुट होने का समय है। मुसलमानों में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एकता की बड़ी आवश्यकता है। मौलाना ने कहा कि सभी मुसलमानों को इजरायली उत्पादों का बहिष्कार करना चाहिए। अगर मुसलमान इजरायल उत्पादों का बहिष्कार करेंगे तो अमेरिका और इजरायल के लिए यह आर्थिक बम की तरह होगा। मौलाना ने कुरान की आयत का हवाला देते हुए कहा कि मुसलमानों को सीसा पिलाई हुई दीवार बनना चाहिए लेकिन हमारे खिलाफ हमारा दुश्मन सीसा पिलाई हुई दीवार बना है। अब समय आ गया है कि मुसलमान इजरायल और अमेरिकी उत्पादों के खिलाफ सीसा पिलाई हुई दीवार बन जाएँ। मौलाना ने कहा कि हम जहर पी रहे हैं और उसका सारा पैसा इस्लाम की दुश्मन ताकतों को मिल रहा है। हम भारतीय हैं इसलिये अधिक से अधिक भारतीय उत्पादों का प्रयोग करें ताकि हमारा पैसा हमारे देश के विकास में काम आए।