
लखनऊ. पासपोर्ट बनाने के दौरान नाम को लेकर विवाद में आई तन्वी सेठ का पासपोर्ट जब्त हो सकता है। क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ने भले ही बगैर सत्यापन के कुछ समय में ही तन्वी सेठ को पासपोर्ट जारी कर दिया हो लेकिन पोर्ट वारीफिकेशन में उनका पासपोर्ट जब्त हो सकता है। इसकी आशंका पासपोर्ट अधिकारी द्वारा भी जताई गई।
नॉएडा की रहने वाली हैं तन्वी
बता दें की तन्वी सेठ नॉएडा की रहने वाली हैं जबकि उन्होंने पासपोर्ट में लखनऊ का अड्रेस दे रखा हैं। अफसरों ने बताया की पासपोर्ट आवेदन का समय उस जगह का पता दिया जाता है जहां वह व्यक्ति वर्तमान में रह रहा है। साथ ही स्थाई पता भी दिया जाता है। साथ ही उन्होंने नाम बदले जाने के बाबत सही जानकारी भी दर्ज नहीं कराई है। अफसरों ने बताया की क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी विशेषाधिकार का प्रयोग कर पोस्ट वेरिफिकेशन क्लॉज़ के तहत पासपोर्ट जारी कर सकते हैं। लेकिन इसके बाद पूरी जिम्मेदारी पुलिस के ऊपर टिकी हुई है। एसएसपी दीपक कुमार के अनुसार वेरिफिकेशन का कागज मिलने के बाद ही उसमें दिए गए पाते पर जांच पड़ताल की जाएगी। अगर इसमें कोई भी गड़बड़ी पाई गई तो रिपोर्ट जल्द से जल्द पासपोर्ट कार्यालय को भेजी जाएगी।
पासपोर्ट अधिकारी को शिवसेना करेगा सम्मानित
शिवसेना ने पासपोर्ट अधिकारी विकास मिश्र को सम्मानित करने का फैसला किया है। शिवसेना के प्रदेश प्रमुख अनिल सिंह के अनुसर पासपोर्ट अफसर को गोरखपुर ट्रांसफर करने पर रोष है। पासपोर्ट जारी करने पर महीने भर लग जाते हैं कि जबकि नियम विरुद्ध एक घंटे में पासपोर्ट जारी कर दिया गया। सरकार मुस्लिम तुष्टीकरण पर उतर आई है। ईमानदार अफसर के ट्रांसफर से उसका मनोबल गिरेगा। इस बाबत शनिवार को राजभवन जाकर ट्रांसफर रुकवाने के लिए राज्यपाल राम नाईक को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
विकास मिश्र नहीं गए लखनऊ में की ड्यूटी
गोरखपुर तबादला होने के बाद शुक्रवार को सीनियर सुपरिंटेंडेंट विकास मिश्र ने रोजाना की तरह पासपोर्ट सेवा केंद्र पर ड्यूटी की। पासपोर्ट कार्यालय में क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी के फैसले को लेकर काफी नाराजगी है। सूत्रों की मानें तो खुद पीयूष वर्मा भी यह जानते हैं कि मामले में विकास मिश्र की गलती नहीं है। पर, दबाव में कार्रवाई करनी पड़ी। जिसके चलते ही विकास मिश्र को लखनऊ में ड्यूटी करने से रोका नहीं गया।