लखनऊ

अब हर खिलाड़ी का होगा अपना यूआईडी नंबर, सभी को मिलेगा पूरा मौका

उत्तर प्रदेश एथलेटिक्स संघ डिस्ट्रिक्ट कोडिंग के साथ ही खिलाड़ियों का चेस्ट नंबर भी जारी करेगा

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Sep 08, 2020
अब हर खिलाड़ी का होगा अपना यूआईडी नंबर, सभी प्लेयर्स को मिलेगा मौका

लखनऊ. यूपी में अब हर खिलाड़ी का अपना यूआईडी नंबर होगा, जल्द ही इसे सभी राज्यों में लागू करने की तैयारी चल रही है। उत्तर प्रदेश एथलेटिक्स संघ के निर्देश के बाद हर जिले में खिलाड़ियों की कोडिंग शुरू हो गई है। एथलेटिक्स संघ को अक्सर यह शिकायत मिलती थी कि एक जिले से दूसरे जिले में या एक राज्य से दूसरे राज्य में एथलीट नाम बदलकर खेल लेते हैं। इससे दूसरे एथलीटों को मौका नहीं मिलता है। इसके अलावा खिलाड़ियों के उम्र छुपाकर और अलग-अलग जगहों से खेलने के ढेरों मामले भी सामने आ चुके हैं। अंडर-19 आदि टूर्नामेंट खेलने के लिए कई ओवरएज खिलाड़ियों ने दोबारा से 10वीं की परीक्षा देकर जन्मतिथि कम कराई। शक होने पर जांच की गई तो मामलों का खुलासा हुआ। खिलाड़ियों के दो जगहों से खेलने और जन्मतिथि में फर्जीवाड़े जैसी शिकायतें मिलने के बाद उत्तर प्रदेश एथलेटिक्स संघ ने सभी प्लेयर्स की कोडिंग का फैसला लिया है।

उत्तर प्रदेश एथलेटिक्स संघ डिस्ट्रिक्ट कोडिंग के साथ ही खिलाड़ियों का चेस्ट नंबर भी जारी करेगा। कोई भी एथलीट जब तक खेलेगा उसका यही यूआइडी नंबर रहेगा। जिला एथलेटिक्स संघ द्वारा जारी कोड में जिले की स्पेलिंग के शुरुआती तीन-चार अक्षर रहेंगे। जैसे यदि लखनऊ का एथलीट है तो उसका कोड एलयूसी 001, यदि आगरा का एथलीट है तो एजीआ 001 और वाराणसी का एथलीट है तो वीएआरए 001 से चेस्ट नंबर जारी होगा। ऐसे ही जब वह खिलाड़ी किसी दूसरे राज्य में खेलने जाएगा तो उसके कोड में यूपी जुड़ जाएगा। जैसे लखनऊ का खिलाड़ी यूपी के लिए खेलने जाता है तो उसका कोड यूपीएलयूसी 001 व क्रमवार होगा।

यूआईडी नंबर के जरूरी कागजात
यूआईडी नंबर के रजिस्ट्रेशन के लिए एथलीट को जन्मतिथि प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा जारी स्वास्थ्य प्रमाण पत्र और पासपोर्ट जिला एथलेटिक्स संघ के कार्यालय पर जमा करना होगा। इसके बाद उस एथलीट को यूनिक आईडी नंबर जारी किया जाएगा। यूआईडी नंबर सही मिलने पर ही खिलाड़ियों को प्रतिभाग की अनुमति दी जाएगी।

जल्द ही सभी राज्यों में होगा लागू
भारतीय एथलेटिक्स संघ के कोषाध्यक्ष प्रदीप श्रीवास्तव कहते हैं कि खिलाड़ियों के कई जगहों से खेलने की शिकायतें मिल रही थीं, जिसे देखते हुए यूआईडी नंबर जारी करने का निर्णय लिया गया है। जल्द ही इसको सभी राज्यों में लागू करने की तैयारी चल रही है।

Updated on:
08 Sept 2020 01:50 pm
Published on:
08 Sept 2020 01:46 pm
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