
यूपी विधानसभा का इस समय बजट सत्र चल रहा है। सत्ता से विपक्ष जमकर सवाल जवाब कर रहा है। विधानसभा सत्र से रोचक किस्से भी निकलकर सामने आ रहे हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि सत्र में शेरो-शायरी भी खूब पढ़ी जा रही है। कुछ विधायक व्यंग्य के जरिए भी अपने प्रश्न सत्ता पक्ष से कर रहे हैं।
इसी दौरान सपा विधायक ने शिक्षा मंत्री से पूछा कि प्राइमरी स्कूल के बच्चे कैसे पढ़ेंगे? आगे चलकर वह IAS, IPS कैसे बन पाएंगे। जब उन्हें बुनियादी शिक्षा ही नहीं दी जा रही है। उनके शिक्षकों को कभी SIR में लगा दिया जाता है तो कभी किसी अन्य काम में। कुछ बचा था तो अब उनसे कुत्ते भी गिनवाए जा रहे हैं। इससे शिक्षा का स्तर लगातार गिर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि इसी वजह से प्राइवेट स्कूल फल-फूल रहे हैं और अपनी मनमानी कर रहे हैं।
इस पर जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा- प्राइवेट स्कूलों में पुस्तकों के शुल्क, ड्रेस के शुल्क या फिर फीस ज्यादा लेने की बात हो तो हमने फीस रेगुलेशन एक्ट बनाया है, डीएम इसके प्रमुख हैं, जहां से शिकायत मिलती है वहां कार्रवाई करते हैं, नोएडा, संभल से शिकायत मिली थी, उसके बाद एक्शन लिया गया।
इसी दौरान सपा विधायक रागिनी सोनकर ने व्यंग्य के माध्यम से सवाल किया कि इंटर कॉलेजों में विज्ञान संकाय की हालत बहुत ही खस्ताहाल है। इसका जवाब शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने शायरी पढ़कर दिया।
रागिनी सोनकर ने कहा, श्रीरामचंद्र कह गए सिया से ऐसा कलयुग आएगा, मेरे नाम से सत्ता पाकर सबको सबको आंख दिखाएगा। धर्मों पर लड़वाएगा और जाति पर बंटवाएगा। गरीबों के शिक्षा को रौंदा जाएगा। पूछा-हमारे बच्चों को शिक्षा क्यों नहीं दे पा रही है यह सरकार…रामराज की बात तो करती है।
माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने भी शायराना अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा- जान कर भी अनजान बने ये और बात है, ऐसा नहीं कि इन्हें कुछ मालूम न हो। इसके बाद उन्होंने आंकड़े दिए। उन्होंने कहा-विधायक इतनी चिंतित है कि इन्हें राम का उदाहरण देना पड़ा।