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IAS Transfer: यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, वन विभाग से हटे अनिल कुमार-3, हेकाली झिमोमी को जिम्मेदारी

Major Bureaucratic Reshuffle in UP: उत्तर प्रदेश शासन ने वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। प्रमुख सचिव अनिल कुमार-3 को पद से हटाते हुए पंचायती राज विभाग की जिम्मेदारी बरकरार रखी गई है, जबकि प्रतीक्षारत वरिष्ठ आईएएस बी. हेकाली झिमोमी को विभाग का नया प्रमुख सचिव नियुक्त किया गया है।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Feb 17, 2026

वन एवं पर्यावरण विभाग में अहम बदलाव, प्रमुख सचिव अनिल कुमार-3 हटाए गए (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

वन एवं पर्यावरण विभाग में अहम बदलाव, प्रमुख सचिव अनिल कुमार-3 हटाए गए (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

IAS Transfer UP: उत्तर प्रदेश शासन ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लेते हुए वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में बड़ा बदलाव किया है। शासनादेश के अनुसार, प्रमुख सचिव वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन के पद पर तैनात अनिल कुमार III को उनके वर्तमान पद से हटा दिया गया है। हालांकि वे पंचायती राज विभाग की जिम्मेदारी संभालते रहेंगे। वहीं, प्रतीक्षारत चल रहीं वरिष्ठ आईएएस अधिकारी बी. हेकाली झिमोमी को वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग का नया प्रमुख सचिव नियुक्त किया गया है। शासन ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं।

क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव

वन एवं पर्यावरण विभाग प्रदेश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण विभागों में से एक है। राज्य में तेजी से बढ़ते शहरीकरण, औद्योगिक विकास और पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच यह विभाग जलवायु परिवर्तन, हरित आवरण बढ़ाने, वन संरक्षण, वन्य जीव संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण जैसी अहम जिम्मेदारियां निभाता है।

ऐसे में प्रमुख सचिव स्तर पर हुआ यह बदलाव प्रशासनिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि आगामी महीनों में प्रदेश में हरित विकास, वनीकरण अभियान और पर्यावरणीय नीतियों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने हैं। इस परिप्रेक्ष्य में नेतृत्व परिवर्तन को रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।

अनिल कुमार-3 का कार्यकाल

अनिल कुमार-3 लंबे समय से प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते रहे हैं। वन एवं पर्यावरण विभाग में उनके कार्यकाल के दौरान कई योजनाएं संचालित की गईं। हालांकि शासन ने उन्हें इस विभाग से हटाते हुए पंचायती राज विभाग की जिम्मेदारी बरकरार रखी है, जो ग्रामीण विकास और स्थानीय निकायों के संचालन से जुड़ा महत्वपूर्ण विभाग है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह नियमित फेरबदल की प्रक्रिया का हिस्सा है। हालांकि आधिकारिक तौर पर बदलाव के पीछे किसी विशेष कारण का उल्लेख नहीं किया गया है।

बी. हेकाली झिमोमी को मिली बड़ी जिम्मेदारी

बी. हेकाली झिमोमी एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं और पूर्व में विभिन्न विभागों में अहम पदों पर कार्य कर चुकी हैं। हाल ही में वे प्रतीक्षारत थीं। अब उन्हें वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन जैसे संवेदनशील विभाग की जिम्मेदारी सौंपना शासन का महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। उनके सामने कई चुनौतियां होंगी, जिनमें प्रदेश में हरित आवरण बढ़ाना ,जलवायु परिवर्तन से जुड़ी नीतियों को प्रभावी बनाना,औद्योगिक विकास और पर्यावरण संतुलन के बीच तालमेल,वन्यजीव संरक्षण और अवैध कटान पर नियंत्रण। विशेषज्ञों का मानना है कि उनके प्रशासनिक अनुभव का लाभ विभाग को मिलेगा।

पर्यावरणीय चुनौतियां और सरकार की प्राथमिकताएं

उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य है। यहां औद्योगिक विस्तार, बुनियादी ढांचे का विकास और शहरीकरण तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन बनाना बड़ी चुनौती है। प्रदेश सरकार ने हाल के वर्षों में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाए हैं और हरित पट्टी विकसित करने की दिशा में कदम उठाए हैं। जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए भी राज्य स्तर पर कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। वन एवं पर्यावरण विभाग इन सभी पहलों का नोडल विभाग है। इसलिए विभाग के शीर्ष स्तर पर बदलाव को आने वाले समय की नीतिगत प्राथमिकताओं से जोड़कर देखा जा रहा है।

प्रशासनिक हलकों में चर्चा

प्रशासनिक हलकों में इस बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हैं। कुछ अधिकारी इसे सामान्य प्रक्रिया बता रहे हैं, तो कुछ इसे आगामी परियोजनाओं और नीतिगत फैसलों से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि शासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है और कार्यकुशलता को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया गया है।