सांप्रदायिक सौहार्द के लिए राजधानी लखनऊ निवासी व्यापारी राशिद नसीम यूपी में 21 मंदिरों का निर्माण करवाएंगे।
लखनऊ. सांप्रदायिक सौहार्द के लिए राजधानी लखनऊ निवासी व्यापारी राशिद नसीम यूपी और बिहार में 21 मंदिरों का निर्माण करवाएंगे। उन्होंने ये फैसला देश के मौजूद हालातों को ध्यान में रखते हुए किया है। मंदिर बनने की शुरुआत अभी वाराणस से हुई है। इलके अलावा लखनऊ, कानपुर समेत तमाम शहरों में बनेंगे। कुछ मंदिरों का उद्घाटन हिन्दुओं के लिए पवित्र सावन महीने में होने जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी के फैन नसीम का कहना है कि वे साल के अंत तक 21 मंदिरों के निर्माण को पूरा कराने का लक्ष्य रखा है। इसके बाद 30 अन्य मंदिरों का निर्माण अगले साल करने की कोशिश है।
इस बारे में राशिद का कहना है कि मंदिरों के निर्माण के पीछे की सोच सिर्फ समाज में सांप्रदायिक विश्वास को बनाए रखना है। उनके मुताबिक, मंदिर निर्माण के इस कदम से अवध की गंगा-जमुनी तहजीब को फिर से स्थापित करने में मदद मिलेगी। एक मुस्लिम होने के नाते उन्हें दूसरे धर्म के लिए बेहतर काम करने से रोका नहीं जा सकता। उनका मानना है कि यह कदम सांप्रदायिक सौहार्द को बढ़ाने के साथ-साथ भाईचारे और समाज में शांति का भी संदेश देगा।'' राशिद के द्वारा निर्माण कराए जा रहे मंदिरों में से पहला मंदिर इलाहाबाद-वाराणसी हाईवे पर बनकर तैयार है जिसका उद्घाटन कुछ ही दिनों में सावन महीने में किया जाएगा।
बिजनेसमेन हैं राशिद
लखनऊ में रहने वाले राशिद रियल एस्टेट बिजनेसमेन है। वह शाइन ग्रुप ऑफ़ कंपनीज के चेयरमैन भी हैं। वह पीएम नरेंद्र मोदी की कार्यशैली से भी बहुत प्रभावित है। उनका कहना है कि वे भी महीने भर में करीब 50 हजार किलोमीटर की यात्रा करते हैं ताकि अपने बिजनेस को और फैला सकें। वे कहते हैं, "जब हमारे पीएम देश और हमारे लिए इतनी यात्रा कर सकते हैं तो हम क्यों नहीं।
यहां बनेंगे मंदिर
लखनऊ स्थित पैराडाइज़ गार्डन, शाइन वैली, वैदिक विहार, सालिटियर सिटी व नेचर वैली योजनाओं, कानपुर स्थित पोल स्टार 1 व पोल स्टार 2, झांसी स्थित सरस, गोरखपुर स्थित शुभालया, वाराणसी स्थित काशियाना व एलीट काशियाना, इलाहाबाद स्थित ज़ायरे स्पार्कल वैली, समृद्धि गुल्लक व ज़हाले 2, मिर्ज़ापुर स्थित माउंटेन हेवन 1 व माउंटेन हेवन 2, उरई स्थित सरस योजना, गया स्थित स्वर्ग भूमि, सासाराम स्थित रिवर मांउट, पटना स्थित ताशी 1 योजना, मुज्जफरपुर स्थित काशिरा योजना पर होगा।