
UP Instagram Crime: राजधानी लखनऊ में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। कक्षा सात की एक नाबालिग छात्रा को सोशल मीडिया के जरिए फंसाकर कथित रूप से बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जबकि एक आरोपी की तलाश की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, पीड़िता की एक युवक से इंस्टाग्राम पर बातचीत शुरू हुई थी। धीरे-धीरे आरोपी ने नाबालिग से दोस्ती बढ़ाई और मिलने के लिए बहाने बनाए। बताया गया है कि युवक ने छात्रा को देर रात मिलने के लिए बुलाया और उसी दौरान उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। इसके बाद पीड़िता को एक होटल में ले जाकर कुछ अन्य साथियों के साथ दुष्कर्म किए जाने का आरोप है। घटना के बाद आरोपी युवकों ने पीड़िता को धमकी दी कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो उसके फोटो और वीडियो वायरल कर देंगे।
पीड़िता के परिजनों ने दो दिन बाद जब बेटी से बातचीत की, तब घटना का खुलासा हुआ। इसके बाद परिजनों ने सरोजिनी नगर थाने में तहरीर दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत मामला दर्ज कर लिया और जांच शुरू कर दी। थाना प्रभारी ने बताया कि नाबालिग का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। आरोपी युवकों की पहचान हो चुकी है और दो को गिरफ्तार किया गया है। घटना की एफआईआर दर्ज कर ली गई है। दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, तीसरे की तलाश जारी है। पीड़िता को चिकित्सीय सहायता और काउंसलिंग उपलब्ध कराई जा रही है।
पुलिस ने इस मामले में धारा 376D (सामूहिक दुष्कर्म), धारा 363 (अपहरण), धारा 506 (धमकी) और पोक्सो एक्ट (POCSO Act) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है जो होटल, सोशल मीडिया और मोबाइल डाटा की जांच कर रही है।
इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर बढ़ते अपराधों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि नाबालिग बच्चों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सतर्क रहने की आवश्यकता है। साइबर एक्सपर्ट अमित वर्मा कहते हैं कि किशोर-किशोरियाँ सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से बातचीत करने में सहज हो जाते हैं, जो कई बार खतरनाक साबित होता है। अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें।”
घटना की जानकारी सामने आने के बाद क्षेत्र में रोष फैल गया है। सामाजिक संगठनों और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से कठोर कार्रवाई की मांग की है। महिला आयोग ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है और स्थानीय प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है। महिला अधिकार कार्यकर्ता रीना मिश्रा ने कहा कि ऐसी घटनाएं हमारे समाज के लिए कलंक हैं। प्रशासन को न सिर्फ दोषियों को कड़ी सजा देनी चाहिए बल्कि पीड़िता को मनोवैज्ञानिक और कानूनी सहयोग भी सुनिश्चित करना चाहिए।
प्रशासन ने पीड़िता को सुरक्षित स्थान पर रखने के निर्देश दिए हैं। उसके लिए महिला पुलिस कर्मियों और परामर्शदाताओं की टीम लगाई गई है ताकि उसे मानसिक रूप से सहारा मिल सके। पुलिस ने होटल प्रबंधन और स्टाफ से भी पूछताछ शुरू कर दी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नाबालिग को होटल में ठहरने की अनुमति कैसे दी गई।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में नाबालिगों के खिलाफ साइबर माध्यम से अपराधों में तेजी आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए स्कूलों में साइबर सेफ्टी एजुकेशन को अनिवार्य किया जाना चाहिए।