कांग्रेस ने सुरेंद्र कालियो को बालामऊ से उम्मीदवार के रूप में उतारा है। बता दें कि सुरेंद्र कालिया जिला पंचायत का सदस्य रह चुका है और जन अधिकार मंच टिकट के पर बालामऊ से चुनाव लड़ चुका है। इस चुनाव में उसे हारल का सामना करना पड़ा था।
कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए एक ऐसे शख्स को टिकट दिया है, जिसका आपराधिक रिकॉर्ड क्लीन नहीं है। कांग्रेस ने हिस्ट्रीशीटर सुरेंद्र कालिया को बालामऊ से विधानसभा चुनाव के लिए टिकट दिया है। सुरेंद्र कालिया न केवल हिस्ट्रीशीटर रहा है, बल्कि वह 50 हजार का इनामी भी रहा है। कांग्रेस ने हरदोई की 8 विधानसभा में से 5 विधानसभा सीट पर अपने प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर दिया है। जबकि 3 विधानसभाओं पर अभी भी प्रत्याशियों के नाम की घोषणा करना बाकी है। बहरहाल, कांग्रेस ने सुरेंद्र कालियो को बालामऊ से उम्मीदवार के रूप में उतारा है। बता दें कि सुरेंद्र कालिया जिला पंचायत का सदस्य रह चुका है और जन अधिकार मंच टिकट के पर बालामऊ से चुनाव लड़ चुका है। इस चुनाव में उसे हारल का सामना करना पड़ा था।
2021 में पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर सुरेंद्र कालिया को कोलकाता से गिरफ्तार किया था। दरअसल, सुरेंद्र कालिया लखनऊ का हिस्ट्रीशीटर अपराधी है। आरोप है कि हाल ही में उसने माफिया अजय सिंह के इशारे पर खुद पर गोली चलावा कर माफिया धनंजय सिंह को फंसाने की कोशिश की थी। यह मामला काफी चर्चा में रहा।
सुरेंद्र कालिया का आपराधिक इतिहास
बालामऊ विधानसभा सीट से घोषित उम्मीदवार सुरेंद्र कालिया का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। उनके खिलाफ लखनऊ के विभिन्न थानों में मामला दर्ज है। 13 जुलाई, 2020 को आलमबाग थाने में सुरेंद्र कालिया ने बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर जानलेवा हमला करने का मामला दर्ज कराया था। जब इस मामले की जांच की गई तो पता चला कि कालिया ने माफिया पूर्व विधायक अभय सिंह के इशारे पर धनंजय सिंह को फंसाने के लिए खुद पर हमले की साजिश रची थी। इस मामले का खुलासा होने के बाद सुरेंद्र कालिया परिवार सहित फरार हो गया था।
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विभिन्न थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज
सुरेंद्र कालिया की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 50 हजार का इनाम रखा था। लखनऊ पुलिस कई महीनों की अदालती कार्यवाही के बाद उसे लखनऊ लेकर आई थी। इसके पहले उसे अवैध पिस्टल रखने के आरोप में कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जेल जाने के बाद सुरेंद्र कालिया जमानत पर छूट गया था। उसके खिलाफ लखनऊ के विभिन्न थानों में आपराधिक मामले दर्ज हैं।