UP Electricity Department : उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को जनवरी की खपत पर फ्यूल सरचार्ज के चलते करीब 10 प्रतिशत ज्यादा बिजली बिल देना होगा, जिससे आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।
UP Electricity Department :यूपी के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक खबर सामने आई है जो सीधे उनकी जेब पर असर डालने वाली है। फरवरी से बिजली उपभोक्ताओं को जनवरी की खपत पर करीब 10 प्रतिशत ज्यादा बिल देना होगा, इसकी वजह फ्यूल सरचार्ज है। यह बढ़ोतरी एक तय प्रक्रिया के तहत की जा रही है, जिससे बिजली व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे और कंपनियां घाटे में ना जाएं और सिस्टम संतुलित बना रहे।
कंपनियों का कहना है कि उन्हें करीब 616 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वसूली करनी है ताकि बिजली उत्पादन में लगने वाले ईंधन के खर्च की भरपाई की जा सके। पिछले साल नवंबर में बिजली कंपनियों ने जिस रेट पर बिजली खरीदी थी, वह तय रेट से काफी ज्यादा थी। नियामक आयोग ने जो टैरिफ तय किया था उसमें बिजली की दर 4.94 रुपये प्रति यूनिट थी, लेकिन कंपनियों को यह 5.79 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से मिली। इसी अंतर को भरने के लिए अब आम जनता से 10 प्रतिशत अतिरिक्त पैसा लिया जा रहा है।
इस फैसले का विरोध भी शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इस भारी-भरकम 10 प्रतिशत की वसूली पर कड़े सवाल उठाए हैं। परिषद का कहना है कि इतनी महंगी बिजली आखिर क्यों खरीदी गई और इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। उन्होंने विद्युत नियामक आयोग में एक प्रस्ताव भी डाल दिया है कि इस वसूली पर तुरंत रोक लगाई जाए।
लोगों का कहना है कि जब जनवरी में बिजली का खर्च थोड़ा कम हुआ था, तो अचानक फरवरी में इतना बड़ा बोझ डालना गलत है। फिलहाल अगले महीने जब आपके हाथ में बिल आएगा, तो वह पहले के मुकाबले थोड़ा भारी होगा। अब बिजली कंपनियां जनवरी महीने में आपके द्वारा खर्च की गई बिजली पर यह अतिरिक्त पैसा वसूलेगी।