
UP Farmers: उत्तर प्रदेश में आम उत्पादन एक प्रमुख कृषि क्षेत्र है, परंतु भारत, विशेषकर यूपी, वैश्विक निर्यात में पीछे रह गया है। इसको देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारें इस दिशा में मिलकर काम कर रही हैं ताकि यूपी के किसानों को उचित दाम मिल सके। जेवर एयरपोर्ट के पास रेडिएशन ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना का निर्णय, इजरायली और भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा नई किस्मों पर शोध, और एक्सप्रेसवे के माध्यम से एक्सपोर्ट चैनलों में सुधार जैसे कदम यूपी को एक प्रमुख निर्यात केंद्र में बदल सकते हैं।
केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के आम की किस्मों को यूरोप, यूएस और एशियाई बाजारों में निर्यात करने की योजना बनाई है। ऐसे में खासतौर पर चौसा और लंगड़ा जैसे लोकप्रिय किस्मों की मांग बढ़ाई जाएगी।
जेवर एयरपोर्ट के पास बनने वाला रेडिएशन ट्रीटमेंट प्लांट फलों की गुणवत्ता और शेल्फ लाइफ बढ़ाने में मदद करेगा। यह प्लांट मुंबई और बेंगलुरु की तर्ज पर होगा, जो इन फलों को निर्यात के मानकों पर खरा उतार सकेगा।
लखनऊ के सीआईएसएच (रहमानखेड़ा) के वैज्ञानिकों द्वारा ‘अवध समृद्धि’, ‘अवध मधुरिमा’ जैसी रंगीन प्रजातियां विकसित की जा रही हैं जो विदेशी बाजारों में मांग के अनुरूप हैं।
भारत-इजरायल संयुक्त सम्मेलन में आम की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया गया, जिसमें वैज्ञानिकों ने यूपी के किसानों को आधुनिक तकनीकों से लैस करने का सुझाव दिया।