लखनऊ

UP News: बिजनेस शुरू करने वालों के आएंगे अच्छे दिन! मंजूरी के लिए नहीं लगाना होगा दफ्तरों में चक्कर

UP News: उत्तर प्रदेश में अब व्यापार करना और नए उद्योग स्थापित करना काफी सरल होने जा रहा है। योगी सरकार राज्य में निवेश को बढ़ावा देने और लालफीताशाही को खत्म करने के लिए एक नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है।
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Feb 05, 2026
up gov introduces new business permit scheme for new business
UP; बिजनेस शुरू करने वालों के आएंगे अच्छे दिन! Photo source- Patrika News

UP News: उत्तर प्रदेश में अब नया उद्योग या कारोबार शुरू करने के लिए उद्यमियों को सरकारी दफ्तरों की चौखट पर अपनी फाइलें लेकर महीनों भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। योगी सरकार राज्य में निवेश के माहौल को और अधिक सुगम बनाने के लिए 'Right to business Act (व्यापार करने का अधिकार अधिनियम) लाने की तैयारी कर रही है। इस नए कानून के लागू होने के बाद यूपी में बिजनेस शुरू करना पूरी तरह से सरल और पारदर्शी हो जाएगा।

शपथ पत्र देने से मिलेगी मंजूरी

इस नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब एनओसी (NOC) और लाइसेंस के इंतजार में काम नहीं रुकेगा। सरकार एक ऐसी व्यवस्था तैयार कर रही है जिसमें उद्यमी को केवल एक शपथ पत्र (Affidavit) देना होगा। इस शपथ पत्र के आधार पर उसे काम शुरू करने की अंतरिम अनुमति तुरंत मिल जाएगी। अब तक किसी भी फैक्ट्री या यूनिट को शुरू करने से पहले दर्जनों विभागों से मंजूरी लेनी पड़ती थी, जिसमें काफी समय बर्बाद होता था।

भरोसे पर आधारित होगी व्यवस्था

सरकार अब 'भरोसे' पर आधारित शासन मॉडल की ओर कदम बढ़ा रही है। 'राइट टू बिजनेस एक्ट' के तहत उद्योग शुरू करने के बाद उद्यमियों को भविष्य में जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए एक निश्चित समय सीमा दी जाएगी। यानी उद्यमी काम शुरू कर सकेंगे और बाद में अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर पाएंगे। यदि बाद में जांच में कोई उद्यमी दोषी पाया जाता है या गलत जानकारी देता है, तो उस पर भारी जुर्माने और कार्रवाई का प्रावधान भी होगा।

MSME और छोटे उद्यमियों को बड़ी राहत

योगी सरकार का यह कदम विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) के लिए गेम चेंजर साबित होगा। छोटे व्यापारियों और स्टार्टअप्स के पास इतना समय नहीं होता कि वे सरकारी विभागों की जटिल कागजी कार्रवाई में उलझे रहें। इस व्यवस्था से दुकान, वर्कशॉप या छोटी फैक्ट्री शुरू करना बेहद आसान हो जाएगा। इससे न केवल पूंजी की बचत होगी, बल्कि राज्य में रोजगार के अवसर भी तेजी से पैदा होंगे। इस अधिनियम के आने से भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो जाएगी।

निवेश और रोजगार में आएगी तेजी

उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में यह एक बड़ा क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि जब 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' जमीनी स्तर पर दिखेगा, तो न केवल देश बल्कि विदेश से भी निवेशक यूपी की ओर आकर्षित होंगे। इससे प्रदेश में निवेश बढ़ने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर भी पैदा होंगे।

रैंकिंग और निवेश में होगा सुधार

अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से उत्तर प्रदेश की 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' (Ease of Doing Business) रैंकिंग और भी बेहतर होगी। यह निवेशकों के लिए एक बड़ा संदेश होगा कि यूपी अब 'रेड टेप' नहीं बल्कि 'रेड कार्पेट' के साथ उनका स्वागत कर रहा है। सरकार का उद्देश्य राज्य को निवेश का सबसे सुगम केंद्र बनाना है।

Updated on:
05 Feb 2026 04:56 pm
Published on:
05 Feb 2026 04:56 pm