UP 9 IPS Transfer 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने 9 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियों के साथ अतिरिक्त प्रभार सौंपे गए हैं, जिससे पुलिस प्रशासन में बड़ी हलचल मच गई।
9 IPS Transfer: उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस प्रशासन में बड़ा फेरबदल करते हुए 9 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए हैं। कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियों के साथ अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने तथा कानून-व्यवस्था में बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इन तबादलों में विशेष रूप से बिनोद कुमार सिंह को यूपी-112 का अतिरिक्त प्रभार मिलना और आलोक सिंह को पीएसी का महानिदेशक बनाया जाना चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
सरकारी आदेश के अनुसार जय नारायण सिंह को यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड से हटाकर पुलिस महानिदेशक, ईओडब्ल्यू उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ईओडब्ल्यू यानी आर्थिक अपराध शाखा राज्य में आर्थिक अपराधों और वित्तीय अनियमितताओं की जांच करने वाली महत्वपूर्ण एजेंसी मानी जाती है।
ध्रुव कांत ठाकुर को पुलिस महानिदेशक एवं महासमादेष्टा होमगार्ड उत्तर प्रदेश के पद पर बनाए रखते हुए नागरिक सुरक्षा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। सरकार का मानना है कि उनके अनुभव का लाभ आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत करने में मिलेगा।
बिनोद कुमार सिंह को पहले से सीआईडी और साइबर क्राइम की जिम्मेदारी मिली हुई थी। अब उन्हें UP-112 का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। यूपी-112 प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण आपातकालीन सेवाओं में शामिल है, जहां हर दिन हजारों शिकायतें और कॉल आती हैं। सरकार ने यह जिम्मेदारी ऐसे अधिकारी को दी है जिनका अनुभव तकनीकी और जांच एजेंसियों में मजबूत माना जाता है।
आलोक सिंह को पीएसी मुख्यालय उत्तर प्रदेश, लखनऊ का पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उनके पास विशेष सुरक्षा बल का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा। पीएसी यानी प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संवेदनशील परिस्थितियों से निपटने में अहम भूमिका निभाती है।
अनुपम कुलश्रेष्ठ को कानपुर जोन का अपर पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया गया है। कानपुर जोन प्रदेश के महत्वपूर्ण और संवेदनशील पुलिस जोनों में माना जाता है। यहां अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती माना जाता है।
ए. सतीश गणेश को यातायात एवं सड़क सुरक्षा निदेशालय के साथ अपराध शाखा का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। प्रदेश में बढ़ते सड़क हादसों और यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
डॉ. आर. के. स्वर्णकार को उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड, लखनऊ में अपर पुलिस महानिदेशक की जिम्मेदारी दी गई है। यह विभाग बिजली व्यवस्था और उससे जुड़े संवेदनशील मामलों के कारण काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।
एस. के. भगत को आगरा जोन का अपर पुलिस महानिदेशक बनाया गया है। आगरा जोन पर्यटन, कानून व्यवस्था और वीआईपी मूवमेंट के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है।
गीता सिंह को पुलिस महानिरीक्षक, प्रशिक्षण निदेशालय उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस प्रशिक्षण और आधुनिक पुलिसिंग के क्षेत्र में उनकी भूमिका अहम मानी जा रही है।
इन तबादलों के बाद प्रशासनिक और पुलिस महकमे में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। कई अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देकर सरकार ने साफ संकेत दिया है कि कानून व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और मजबूत करने पर फोकस किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यूपी जैसे बड़े राज्य में पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी बेहद चुनौतीपूर्ण होती है। अपराध नियंत्रण, साइबर क्राइम, यातायात, आपातकालीन सेवाएं और कानून व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए अनुभवी अधिकारियों की तैनाती बेहद जरूरी मानी जाती है।
| अधिकारी | नई जिम्मेदारी |
|---|---|
| जय नारायण सिंह | डीजी, ईओडब्ल्यू |
| ध्रुव कान्त ठाकुर | डीजी होमगार्ड + नागरिक सुरक्षा |
| बिनोद कुमार सिंह | सीआईडी, साइबर क्राइम + UP-112 |
| आलोक सिंह | डीजी, PAC |
| अनुपम कुलश्रेष्ठ | ADG कानपुर जोन |
| ए. सतीश गणेश | यातायात एवं अपराध शाखा |
| डॉ. आर. के. स्वर्णकार | ADG, यूपी पावर कॉरपोरेशन |
| एस. के. भगत | ADG आगरा जोन |
| गीता सिंह | IG प्रशिक्षण निदेशालय |