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यूपी चुनाव 2027:  दिल्ली में कल हो सकता है ये फैसला, कई की होगी छंटाई, कुछ नए चेहरे बनेंगे संगठन का हिस्सा

UP Elections 2027: यूपी बीजेपी में जल्द हो सकता है बड़ा संगठनात्मक फेरबदल! कई क्षेत्रीय अध्यक्षों और महामंत्रियों की छुट्टी तय मानी जा रही है। आखिर किन नए चेहरों पर दांव लगाने की तैयारी में है पार्टी और दिल्ली की बैठकों में क्या पक रहा है?

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प्रतीकात्मक तस्वीर। PC: IA

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में संचालित नई भारतीय जनता पार्टी अपने चौंकाने वाले फैसलों के लिए पहचानी जाती है और अब उत्तर प्रदेश में भी ऐसा ही कुछ देखने को मिल सकता है। अगले साल यूपी को विधानसभा चुनाव से गुजरना है और पार्टी ने युद्ध स्तर पर इसकी तैयारी शुरू कर दी है। हाल ही में योगी कैबिनेट में फेरबदल हुआ है।

अब भाजपा संगठन स्तर पर कुछ बड़े बदलाव कर सकती है। सूत्र बताते हैं कि प्रदेश कार्यकारिणी से लेकर क्षेत्रीय अध्यक्षों तक कई महत्वपूर्ण पदों को लेकर चौंकाने वाले फैसले हो सकते हैं। जल्द ही इसे लेकर तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो सकती है। बीजेपी का मानना है कि संगठन स्तर पर बदलाव जितनी जल्दी होंगे, नई टीम को चुनाव के लिए खुद को तैयार करने का उतना ही वक्त मिल जाएगा।

नए चेहरों को मिलेगा मौका

बताया जा रहा है कि प्रदेश कार्यकारिणी में कई नए चेहरों को मौका दिया जाएगा। वहीं, लंबे समय से संगठन में सक्रिय अनुभवी नेताओं को राष्ट्रीय कार्यकारिणी का हिस्सा बनाया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि जिस तरह प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर पंकज चौधरी के नाम का ऐलान कर पार्टी ने सबको चौंकाया था। वैसा ही कुछ देखने को मिल सकता है। चौधरी नई प्रदेश कार्यकारिणी के गठन को लेकर लगातार दिल्ली के संपर्क में हैं। पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह के बीच इस मुद्दे पर कई बैठकें भी हो चुकी हैं। नई कार्यकारिणी की एक रूपरेखा भी तैयार हो गई है। बस आलाकमान की मंजूरी का इंतजार है।

यहां फंसा है पेंच

पंकज चौधरी ने बुधवार को दिल्ली में वरिष्ठ बीजेपी नेताओं से मुलाकात की, इस दौरान प्रदेश की नई कार्यकारिणी को लेकर मंथन हुआ। बताया जा रहा है कि नए क्षेत्रीय अध्यक्षों के नाम को लेकर पेंच फंसा हुआ है। सूत्रों की मानें तो इस बार पार्टी सभी क्षेत्रीय अध्यक्षों को बदलने पर विचार कर रही है। खासतौर पर जिन क्षेत्रीय अध्यक्षों के खिलाफ शिकायतें मिली हैं, उन्हें हर हाल में बदला जा सकता है। दरअसल, चुनाव में भाजपा क्लीन इमेज के साथ उतरना चाहती है। ऐसे में वो क्षेत्रीय अध्यक्ष उसके मिशन में बाधा बन सकते हैं, जिनके खिलाफ कोई शिकायत आई है।

महामंत्री भी बदले जाएंगे?

प्रदेश महामंत्रियों को लेकर भी कुछ बड़े फैसले हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि कुछ महामंत्रियों की संगठन से विदाई हो सकती है, जबकि कुछ नए चेहरों की एंट्री संभव है। 22 मई यानी कल दिल्ली में एक और बैठक होनी है, जिसमें यूपी की नई कार्यकारिणी पर मंथन होगा और संभव है कि कल कोई बड़ी खबर सामने आ जाए।