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UP Electricity Rates 2026: यूपी में नहीं बढ़ेंगे बिजली के दाम? स्मार्ट मीटर को लेकर भी आई बड़ी खबर

UP Electricity Rates 2026: क्या उत्तर प्रदेश में लगातार सातवें साल भी नहीं बढ़ेंगी बिजली दरें? आखिर आयोग की बैठक में क्या तय हुआ, जानिए पूरी डिटेल।

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लखनऊ

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Pratiksha Gupta

May 21, 2026

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इस साल भी नहीं महंगी होगी बिजली | फोटो सोर्स- patrika.com

UP Electricity Rates 2026: उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। राज्य में इस साल भी बिजली दरों में बढ़ोतरी की संभावना बेहद कम है। अगर ऐसा होता है, तो यह लगातार सातवां साल होगा जब प्रदेश की जनता को महंगी बिजली से राहत मिलेगी। इसके साथ ही, घरों में लगने वाले स्मार्ट मीटर के खर्च को लेकर भी बड़ा फैसला हुआ है, जिससे आम जनता की जेब पर कोई असर नहीं पड़ेगा। विद्युत नियामक आयोग की बैठक में इन सभी जरूरी बातों पर चर्चा हुई है।

क्या है पूरा मामला?

बुधवार को बिजली विभाग के बड़े अधिकारियों और उपभोक्ता परिषद के बीच एक अहम बैठक हुई। बिजली कंपनियों ने घाटा दिखाकर बिजली महंगी करने की बात कही थी, लेकिन उपभोक्ता परिषद ने इसका कड़ा विरोध किया।

दरें बढ़ाने के बजाय घटाई जाएं

उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष ने साफ कहा कि बिजली कंपनियों के पास 51,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त फंड मौजूद है। जब कंपनियों के पास पहले से इतना पैसा है, तो घाटा दिखाकर बिजली के दाम बढ़ाना बिल्कुल गलत है। परिषद का कहना है कि इस पैसे का इस्तेमाल करके तो बिजली के रेट 45% तक कम किए जा सकते हैं या फिर अगले 5 सालों तक हर साल दरें 8% कम की जा सकती हैं। जिससे जनता को और सस्ती बिजली मिल सकें।

स्मार्ट मीटर को लेकर आया बड़ा फैसला

घरों में लगने वाले नए स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर भी एक अच्छी खबर आई है। बैठक में साफ किया गया कि स्मार्ट मीटर लगाने का कोई भी खर्चा जनता से नहीं लिया जाएगा। केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार, स्मार्ट मीटर योजना पूरी तरह फ्री है और इसका बोझ जनता पर नहीं डाला जा सकता। परिषद ने यह सवाल भी उठाया कि जिस काम का खर्च पहले ₹18,885 करोड़ तय था, वह बढ़ाकर ₹27,342 करोड़ क्यों किया गया? इस एक्स्ट्रा खर्च की जांच होनी चाहिए।

24 घंटे बिजली और नया नियम

बैठक में मांग की गई कि यूपी के सभी शहरों और गांवों में बिजली कटौती पूरी तरह बंद होनी चाहिए और सबको 24 घंटे बिजली मिलनी चाहिए। इसके अलावा, दिन और रात के हिसाब से अलग-अलग बिजली बिल वसूलने वाले नियम (TOD टैरिफ) पर भी बात हुई। बिजली कंपनियां इसे घरेलू उपभोक्ताओं के लिए शुरू करना चाहती हैं, लेकिन परिषद ने इसका विरोध किया और कहा कि इससे आम लोगों का बजट बिगड़ जाएगा।

नोएडा के लोगों को भी राहत

नोएडा में बिजली पर मिलने वाली 10% की छूट को बंद करने की कोशिश की जा रही थी, जिसका बैठक में विरोध किया गया। साथ ही नोएडा की बिजली कंपनी में हुई गड़बड़ियों की जांच कराने की मांग भी की गई है।

कब आएगा फाइनल फैसला?

इस जरूरी बैठक के बाद अब यह माना जा रहा है कि आयोग जून के दूसरे हफ्ते तक बिजली दरों को लेकर अपना आखिरी आदेश जारी कर देगा, जिसमें आम जनता को बड़ी राहत मिलने की पूरी उम्मीद है।