लखनऊ

ओमिक्रॉन, डेल्टा प्लस से कम खतरनाक : यूपी चिकित्सा शिक्षा मंत्री

- ओमिक्रॉन को लेकर यूपी की जनता एक बार फिर से घबरा गई है। इस घबराहट में देश में पाए गए छह केसों ने और इजाफा किया है। यूपी सरकार पहले से ही सतर्क हो गई है। उसने ओमिक्रॉन को लकर गाइडलाइन जारी कर दी है। वहीं यूपी के वित्त एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने भी जनता को आश्वासन दिया की घबराने की जरूरत नहीं है। ओमिक्रॉन, डेल्टा प्लस से कम खतरनाक है।

2 min read
Dec 04, 2021
ओमिक्रॉन, डेल्टा प्लस से कम खतरनाक : यूपी चिकित्सा शिक्षा मंत्री

लखनऊ. यूपी में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर यूपी की जनता में एक बार फिर दहशत फैल गई है। यूपी के वित्त एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि कोरोना वायरस-19 के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से निपटने के लिए यूपी सरकार पूरी तरह सक्षम है। जनता को ओमिक्रॉन से भयभीत होने की जरूरत नहीं है। ओमिक्रॉन, डेल्टा प्लस से कम खतरनाक है और योगी सरकार इससे निपटने में पूरी तरह सक्षम है। ओमिक्रॉन की जिनोम सीक्वेंसिंग के लिए पीजीआई, केजीएमयू व लोहिया संस्थान को निर्देश दे दिए गए हैं।

डेल्टा प्लस से कम खतरनाक :- विधानभवन स्थित अपने कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए यूपी के वित्त एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि, सरकार कोरोना वायरस के गंभीर रुप को काबू कर कोरोना को न्यूनतम स्तर पर लाने में सफल रही है। ओमिक्रॉन के अब तक देश में छह केस में से दो कर्नाटक व चार राजस्थान के हैं। डर समस्या का समाधान नहीं है। प्रदेश सरकार ने सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं। किसी को भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि, विशेषज्ञों की राय है कि यह डेल्टा प्लस से कम खतरनाक है।

ढाई लाख सैंपल टेस्ट के निर्देश जारी :- यूपी डीजी हेल्थ डॉ वेदब्रत ने बताया कि, प्रदेश में एक बार फिर से रोजाना दो से ढाई लाख सैंपल टेस्ट करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। फिलहाल ये संख्या कम होकर डेढ़ लाख तक आ गई थी।

यूपी में ओमिक्रॉन के लिए गाइडलाइन :- डीजी हेल्थ डॉ वेदब्रत ने बताया कि, उत्तर प्रदेश में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी गई है। कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर का पालन कराने के साथ वैक्सीनशन के लिए कहा जा रहा है। फोकस टेस्टिंग भी शुरू कर दी गई है। शिक्षण संस्थानों, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, चिकित्सा संस्थानों में कर्मियों की जांच की जा रही है। एयरपोर्ट पर हर यात्री की आरटीपीसीआर जांच के निर्देश दिए गए हैं। इनमें उन पर खास नजर रखी जाएगी, जो ओमिक्रॉन पीड़ित देश से आ रहे हैं।

संक्रमित मिलने पर हर हाल में रहना होगा आइसोलेशन में :- विदेश से आने वाला कोई भी यात्री अगर कोरोना वायरस संक्रमित पाया जाता है तो हर हाल में उसे आइसोलेशन में रहना होगा। और यदि नेगेटिव आता है तो होम क्वारन्टीन में रहना होगा। इस यात्री की 8वें दिन फिर जांच होगी, नेगेटिव आने पर क्वारन्टीन खत्म हो जाएगा। लखनऊ और वाराणसी में अंतराष्ट्रीय फ्लाइट्स आती है इसलिए आइसोलेशन के लिए अलग से चिकित्सालय चिन्हित किये गए हैं।

Published on:
04 Dec 2021 12:58 pm
Also Read
View All