लखनऊ

‘सरकार को चुनाव कराने में क्या डर था?’, HC के 3 महीने के अंदर पंचायत इलेक्शन कराने के आदेश पर बोलीं आराधना मिश्रा

UP Panchayat Election: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव तीन महीने के भीतर कराने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश का कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना ने स्वागत किया है। उन्होंने बीजेपी सरकार पर चुनाव टालने का आरोप लगाते हुए बेरोजगारी, महंगाई और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए।
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Oct 14, 2026
Aradhana Mishra UP Congress President
आराधना मिश्रा ( Photo IANS)

UP Panchayat Election:उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी की सरकार को घेरा है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना ने हाईकोर्ट के तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराने के निर्देश का स्वागत करते हुए इसे लोकतंत्र की जीत बताया।

आराधना मिश्रा ने सवाल उठाया कि सरकार ने समय रहते पंचायत चुनाव कराने का फैसला क्यों नहीं लिया। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव निर्धारित समय पर होते, तो पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधि अपने पदों पर रहकर विकास कार्यों को आगे बढ़ा सकते थे।

पंचायत चुनाव कराने से क्यों बच रही थी सरकार? कांग्रेस ने उठाए सवाल

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार पंचायत चुनाव कराने के लिए तैयार नहीं थी। उन्होंने सवाल किया कि आखिर सरकार को चुनाव कराने से किस बात का डर था? और वह किन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाती।

आराधना मिश्रा के मुताबिक, प्रदेश की जनता बेरोजगारी, महंगाई और पेपर लीक जैसी समस्याओं से परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास जनता से वोट मांगने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं था, इसलिए पंचायत चुनाव को टालने की कोशिश की जा रही थी।

'पंचायतें संविधान की व्यवस्था का अहम हिस्सा'

आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि पंचायतें लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव और समाज की रीढ़ हैं। ये संविधान की व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं और ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि पंचायतों की व्यवस्था को कमजोर करना या उनके अस्तित्व को समाप्त करने का प्रयास करना बेहद दुखद है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने हाईकोर्ट के आदेश का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि सरकार निर्धारित तीन महीने की अवधि में पंचायत चुनाव कराएगी।

'वोट चोरी और चंदा चोरी के मुद्दे से लोग वाकिफ'

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने बीजेपी सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि गांव-गांव में लोग चंदा चोरी और वोट चोरी के मुद्दों से वाकिफ हैं। उनके मुताबिक, प्रदेश में भ्रष्टाचार तहसील स्तर तक फैला हुआ है।

आराधना मिश्रा ने आरोप लगाया कि सरकार के पास जनता के बीच जाने के लिए कोई मुद्दा नहीं था, इसलिए पंचायत चुनाव कराने में देरी की गई। उन्होंने कहा कि समय पर चुनाव होने से पंचायतों में निर्वाचित प्रतिनिधियों के जरिए विकास कार्य बेहतर तरीके से किए जा सकते थे।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तीन महीने में चुनाव कराने का दिया निर्देश

बता दें कि ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किए जाने से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तीन महीने के भीतर ग्राम पंचायत चुनाव कराने का निर्देश दिया है। जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। साथ ही अदालत ने निवर्तमान ग्राम प्रधानों के प्रशासक के रूप में बने रहने की बात कही।

करीब 3 घंटे तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने पहले अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। फैसला आने के बाद कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान की जीत बताया।

कांग्रेस को उम्मीद, तय समय में चुनाव कराएगी सरकार

हाईकोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि वह इस आदेश का स्वागत करती हैं और इसे लोकतंत्र की जीत मानती हैं। उन्होंने कहा कि पंचायतें समाज की रीढ़ हैं और इनके जरिए ग्रामीण स्तर पर विकास को गति मिलती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार अदालत के निर्देश का पालन करते हुए तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराएगी।

Updated on:
14 Oct 2026 07:24 pm
Published on:
14 Oct 2026 07:10 pm