लखनऊ

यूपी एनकाउंटर केस पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: याचिकाकर्ता से बोले CJI- ‘इसमें कोई जल्दबाजी नहीं’

CJI Surya Kant Statement UP Encounters: यूपी में एनकाउंटर में हुई मौतों से जुड़े मामले के मेंशन पर CJI सूर्यकांत ने कहा कि इसमें कोई जल्दी नहीं होगी। वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि मामला एक साल से ज्यादा समय से लिस्ट नहीं हुआ है।
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Sep 03, 2026
CJI Surya Kant
CJI सूर्यकांत (Photo -ANI)

UP Encounter Deaths Petition Supreme Court: उत्तर प्रदेश में एनकाउंटर के दौरान हुई मौतों से जुड़े एक मामले की सुनवाई गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई। याचिकाकर्ता की ओर से जल्द लिस्टिंग की मांग रखी गई। वकील ने बताया कि यह मामला एक साल से अधिक समय से सूचीबद्ध नहीं हुआ है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत ने इस मांग पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसी भी क्या जल्दबाजी है? कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि सिर्फ लंबे समय से मामला लिस्ट न होने के आधार पर तत्काल सुनवाई की जरूरत नहीं मानी जा सकती।

जानें क्या है मामला

याचिका उत्तर प्रदेश में एनकाउंटर में हुई मौतों से संबंधित है। वकील ने कोर्ट का ध्यान इस बात की ओर दिलाया कि मामला अदालत के सामने लंबित है, लेकिन सुनवाई की बारी अभी तक नहीं आई। उन्होंने जल्द सूचीबद्ध करने की गुहार लगाई।

कोर्ट का स्पष्ट संदेश

सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल लिस्टिंग की मांग स्वीकार नहीं की। सीजेआई का रुख साफ था कि मामले की सुनवाई अपनी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही होगी। जल्दबाजी का कोई औचित्य नहीं है। अदालत में हुई यह छोटी सी टिप्पणी सुनवाई को खास बना गई। कोर्ट ने संकेत दिया कि लंबित मामलों को नियमित प्रक्रिया से ही निपटाया जाएगा। केवल विलंब का हवाला देकर प्राथमिकता नहीं दी जा सकती।

यूट्यूबर गुलशन पाहुजा को मिली राहत

वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर गुलशन पाहुजा को राहत दी। दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें न्यायपालिका पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के लिए छह महीने की सजा सुनाई थी। पाहुजा लगभग 48 दिन जेल में रह चुके थे। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच ने अपील पर नोटिस जारी किया। सजा पर फिलहाल रोक लगाई गई और रिहाई का आदेश दिया गया। आदेश की प्रति दस्ती तौर पर देने को कहा गया।

हाईकोर्ट का पिछला फैसला

दिल्ली हाईकोर्ट ने पाहुजा को आपराधिक अवमानना का दोषी ठहराया था। उनके यूट्यूब चैनल पर दिए गए बयानों से अदालत की प्रतिष्ठा प्रभावित हुई मानी गई थी। उन्होंने पछतावा भी नहीं जताया था। पाहुजा की अपील पर अब सुप्रीम कोर्ट में आगे की कार्यवाही होगी। फिलहाल उन्हें राहत मिली है, लेकिन अंतिम फैसला अभी बाकी है। यूपी एनकाउंटर वाला मामला भी अपनी बारी आने पर ही सुना जाएगा।

Updated on:
03 Sept 2026 02:48 pm
Published on:
03 Sept 2026 02:48 pm