
UP Politics: उत्तर प्रदेश में नौ विधानसभा सीटों पर हुए मतदान में कई विवाद सामने आए। इनमें पांच सीटों—मीरापुर (मुजफ्फरनगर), कुंदरकी (मुरादाबाद), सीसामऊ (कानपुर), करहल (मैनपुरी), और कटेहरी (अंबेडकर नगर)—पर सर्वाधिक हंगामे और शिकायतें दर्ज की गईं। फर्जी मतदान के आरोपों से लेकर मुस्लिम महिलाओं के नकाब हटाकर पहचान जांचने और पक्षपात के आरोपों तक, मतदान प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए गए।
मीरापुर में काकरोली बस स्टैंड के पास पुलिसकर्मियों पर पथराव किया गया, जिसमें एक सिपाही घायल हो गया। आरोप है कि मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में मतदाताओं को आधार कार्ड दिखाने के बावजूद मतदान से रोका गया। आक्रोशित जनता ने पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाया।
पथराव में सिपाही विक्रांत घायल।
मुस्लिम बाहुल्य इलाके में तनावपूर्ण माहौल।
पुलिस और स्थानीय जनता के बीच तीखी झड़प।
सीसामऊ में पुलिस द्वारा मुस्लिम महिलाओं का नकाब हटाकर पहचान जांचने पर जमकर हंगामा हुआ। चुनाव आयोग ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि पुलिस मतदाताओं की पहचान जांचने का अधिकार नहीं रखती, इसके बावजूद यह घटना हुई।
नकाब हटाने की घटना से विवाद।
चमनगंज थाना प्रभारी पर मतदाता के साथ मारपीट का आरोप।
भाजपा प्रत्याशी सुरेश अवस्थी ने सपा पर पत्थरबाजी का आरोप लगाया।
सपा सांसद डिंपल यादव ने आरोप लगाया कि पुलिस मतदाताओं पर दबाव बना रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के खिलाफ साजिश करार दिया और कहा कि भाजपा शासन-प्रशासन का दुरुपयोग कर रही है।
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"भाजपा की गुंडई लोकतंत्र का अपमान।"
चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग।
सपा कार्यकर्ताओं के अनुसार, मतदाताओं को धमकाया गया।
कुंदरकी में सपा प्रत्याशी हाजी रिजवान ने पुलिसकर्मियों द्वारा मतदाताओं की आईडी चेक किए जाने का विरोध किया। उन्होंने इसे अनावश्यक और मतदाताओं को डराने का प्रयास बताया।
भीकनपुर कुलवाड़ा में सपा प्रत्याशी का विरोध।
वायरल वीडियो में पुलिस और सपा कार्यकर्ताओं के बीच बहस।
कटेहरी में सपा सांसद और पुलिस के बीच दिनभर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी रहा। सपा ने प्रशासन पर पक्षपात करने और भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया।
सपा सांसद ने चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस पर फर्जी मतदान रोकने का बहाना बनाकर मुस्लिम वोटरों को परेशान करने का आरोप।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सत्ता का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए।
"पुलिस प्रशासन भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है। यह लोकतंत्र पर हमला है, और जनता इसका जवाब देगी।"
यूपी के उपचुनाव में सामने आए विवादों ने लोकतंत्र की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि प्रशासन सत्ताधारी पार्टी के पक्ष में काम कर रहा है, जबकि पुलिस पर पक्षपात और ज्यादती के गंभीर आरोप हैं। घटनाओं ने यह स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए और सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।