
सुभासपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामललित चौधरी का निधन (X Photo @ArunrajbharSbsp)
Ram Lalit Chaudhary Death: सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और बस्ती की रुधौली विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रहे रामललित चौधरी का निधन हो गया। रामललित चौधरी का राजनीतिक सफर लंबे समय तक समाजवादी पार्टी से जुड़ा रहा। उन्होंने साल 1989 में पहली बार रामनगर सीट से विधानसभा चुनाव जीता था। साल 1996 में भी इसी सीट से विधायक बने। तीनों बार उन्होंने सपा के टिकट पर चुनाव जीता था। बाद में उन्होंने सपा छोड़कर सुभासपा का दामन थामा और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली।
सुभासपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और बस्ती की रुधौली विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रहे रामललित चौधरी का निधन हो गया। वह पिछले 15 दिनों से अधिक समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद क्षेत्र में शोक है। रामललित चौधरी का राजनीतिक सफर लंबे समय तक समाजवादी पार्टी से जुड़ा रहा। बाद में उन्होंने सुभासपा का दामन थामा और पार्टी में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली।
रामललित चौधरी ने अपने राजनीतिक सफर में रुधौली विधानसभा क्षेत्र का कई बार प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने बताया था कि साल 1989 में वह रामनगर विधानसभा सीट से पहली बार विधायक चुने गए थे। उस समय यह सीट रामनगर के नाम से जानी जाती थी, जो बाद में रुधौली विधानसभा सीट हो गई।
इसके बाद 1991 में हुए उपचुनाव में वह इसी सीट से दोबारा विधानसभा पहुंचे। साल 1996 में उन्होंने तीसरी बार चुनाव जीतकर विधानसभा में अपनी जगह बनाई। इस तरह वह तीन बार विधायक रहे। तीनों बार उनका चुनाव समाजवादी पार्टी के टिकट पर हुआ था।
रामललित चौधरी लंबे समय तक समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे। करीब चार दशक तक उन्होंने पार्टी में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाईं। हालांकि बाद के समय में उन्होंने सपा नेतृत्व पर पुराने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की अनदेखी का आरोप लगाया था। रामललित चौधरी ने कहा था कि समाजवादी पार्टी अब पहले जैसी नहीं रही और पुराने कार्यकर्ताओं को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने इसी वजह से खुद को उपेक्षित महसूस करने की बात कही थी।
समाजवादी पार्टी छोड़ने के बाद रामललित चौधरी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी में शामिल हुए। सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई थी। इस दौरान उनके साथ कई कार्यकर्ताओं ने भी सुभासपा का दामन थामा था। पार्टी में शामिल होने के बाद ओम प्रकाश राजभर ने उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी।
रामललित चौधरी के निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव परसा लाल शाही लाया जाएगा। दोपहर करीब 12 बजे तक पार्थिव शरीर गांव पहुंचने की जानकारी है, जहां लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे।
Updated on:
18 Sept 2026 08:40 am
Published on:
18 Sept 2026 08:14 am
