लखनऊ

UP Aloo Price Trend: आलू की कीमतों में आई गिरावट, प्रयागराज और लखनऊ में जमकर बनेंगे आलू चिप्स

Aloo Price Trend: आलू की कीमतों में भारी गिरावट देखी गई है, जिससे घरों में राहत की लहर है। पिछले साल ऊंची कीमतों के कारण कई लोग चिप्स और पापड़ नहीं बना पाए थे। होली नजदीक आते ही महिलाएं स्वादिष्ट आलू-आधारित व्यंजन बनाने की तैयारी कर रही हैं। इस बार की कीमत गिरावट से हर घर में बजट की चिंता बिना स्नैक्स का आनंद लिया जा सकेगा।

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Feb 09, 2025
आलू के दाम घटे, घर-घर में बनेगा चिप्स और पापड़

UP Potato Prices Drop: आलू के दामों में भारी गिरावट के बाद घर-घर में चिप्स, पापड़ और अन्य व्यंजन बनने की तैयारी शुरू हो गई है। पिछली बार आलू के बढ़े हुए दामों ने महिलाओं को निराश कर दिया था, लेकिन इस बार त्योहारी सीजन से पहले आई इस गिरावट ने खुशी की लहर दौड़ा दी है।

पिछले साल महंगे आलू ने बिगाड़ा था गृहणियों का बजट

होली का त्योहार आते ही भारतीय घरों में पारंपरिक पकवान बनाए जाते हैं, जिनमें आलू से बने व्यंजन विशेष स्थान रखते हैं। हालांकि, जनवरी 2024 में आलू की कीमतें 20 से 25 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थीं, जिससे अधिकतर महिलाएं पापड़ और चिप्स नहीं बना पाई थीं। इस बार, जनवरी में ही आलू की कीमतें गिरकर 11 से 11.50 रुपये प्रति किलो हो गई हैं, जिससे फुटकर बाजार में 100 रुपये में छह किलो आलू मिल रहा है।

कीमतों में गिरावट का कारण और मौसम का प्रभाव

भारतीय किसान एवं आढ़ती वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष नजमुद्दीन राइनी के अनुसार, आलू की कीमतें मौसम के अनुसार बदलती हैं। सर्दियों में नई फसल बाजार में आती है, जिससे कीमतें कम हो जाती हैं। जबकि गर्मी और बारिश के मौसम में स्टोरेज से निकाला गया आलू बाजार में लाया जाता है, जिससे कीमतें बढ़ जाती हैं। इस बार आलू की अच्छी पैदावार के चलते कीमतों में गिरावट देखी जा रही है।

उत्तर प्रदेश बना देश का सबसे बड़ा आलू उत्पादक राज्य

देश में सबसे ज्यादा आलू उत्तर प्रदेश में उगाया जाता है, उसके बाद पश्चिम बंगाल का स्थान आता है। ये दोनों राज्य मिलकर देश के आधे हिस्से में आलू की आपूर्ति करते हैं। हालांकि, 2022-23 और 2023-24 के बीच इन दोनों राज्यों में उत्पादन में गिरावट देखी गई थी। पश्चिम बंगाल में आलू का उत्पादन 150 लाख टन से घटकर 130 लाख टन रह गया था। इसके अलावा, बिहार, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, असम, झारखंड और मध्य प्रदेश में भी आलू की खेती की जाती है, लेकिन ये राज्य अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश और बंगाल पर निर्भर रहते हैं।

प्याज और टमाटर के मुकाबले स्थिर रहता है आलू का बाजार

आलू की कीमतें कभी-कभी बढ़ती हैं, लेकिन यह प्याज और टमाटर की तरह अस्थिर नहीं होती। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सरकार भी आलू के स्टोरेज और आपूर्ति पर ध्यान देती है, जिससे इसकी कीमतें नियंत्रण में रहती हैं।

आलू की कीमतों में गिरावट से कौन-कौन होंगे लाभान्वित?

गृहणियां: अब वे सस्ते दामों में आलू खरीदकर होली पर चिप्स और पापड़ बना सकती हैं।

व्यापारी: कम कीमत होने से आलू का व्यापार बढ़ेगा और अधिक बिक्री होगी।

रेस्टोरेंट और होटल व्यवसाय: कम लागत में आलू खरीदकर वे अपने ग्राहकों को सस्ते दामों पर स्नैक्स उपलब्ध करा सकेंगे।

किसान: हालांकि कीमतों में गिरावट से किसानों को थोड़ी परेशानी होगी, लेकिन अधिक उत्पादन से उन्हें भी फायदा होगा।

कैसे करें आलू के चिप्स और पापड़ की तैयारी?

  • अगर आप भी इस बार घर पर आलू के पापड़ और चिप्स बनाने की सोच रहे हैं, तो यह सही समय है। इसके लिए:
  • ताजे और बड़े आलू चुनें।
  • इन्हें पतले स्लाइस में काटकर नमक वाले पानी में डालें।
  • धूप में अच्छे से सुखाएं और फिर तलकर चटपटे मसालों के साथ परोसें।
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