
गोकशी और गौ तस्करी पर योगी सरकार का कड़ा शिकंजा, 35 हजार से अधिक आरोपी गिरफ्तार, 83 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त (फोटो सोर्स : Information Department )
Yogi Govt Cracks Down on Cow Slaughter: उत्तर प्रदेश में गोकशी और गौ तस्करी के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए संगठित अपराधियों पर बड़ा शिकंजा कसा है। प्रदेश में लागू जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अब तक गोकशी से जुड़े 14,182 मामलों में 35,924 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इसके अलावा कई मामलों में आरोपियों के खिलाफ गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) जैसी कठोर धाराओं में भी कार्रवाई की गई है।
सरकार का दावा है कि प्रदेश में गोकशी और अवैध पशु वध को रोकने के लिए पुलिस, प्रशासन और विशेष कानूनों के जरिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत न केवल अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, बल्कि उनकी अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों को भी जब्त किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालने के बाद से ही गोकशी और गौ तस्करी के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। सरकार का मानना है कि यह केवल कानून व्यवस्था का मामला नहीं है, बल्कि सामाजिक आस्था, धार्मिक भावनाओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से भी जुड़ा हुआ विषय है।
इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने गोकशी से जुड़े अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए कई कड़े कदम उठाए। प्रदेशभर में पुलिस और प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि गोकशी के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके परिणामस्वरूप पुलिस ने लगातार विशेष अभियान चलाकर गोकशी और गोतस्करी से जुड़े गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी। यही वजह है कि पिछले कुछ वर्षों में हजारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में अब तक गोकशी से जुड़े कुल 14,182 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इन मामलों में पुलिस ने 35,924 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन मामलों में कई संगठित गिरोह भी सामने आए, जो बड़े पैमाने पर गौ तस्करी और अवैध पशु वध में शामिल थे। पुलिस और विशेष टीमों ने लगातार कार्रवाई करते हुए ऐसे गिरोहों के नेटवर्क को ध्वस्त करने का काम किया है।
सरकार ने गोकशी के मामलों में केवल सामान्य मुकदमे दर्ज करने तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि आरोपियों पर कठोर कानूनों के तहत भी कार्रवाई की गई।
इन कड़े कानूनों के तहत कार्रवाई करने का उद्देश्य संगठित अपराधियों के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना और भविष्य में इस तरह के अपराधों को रोकना है।
गोकशी और गौ तस्करी से जुड़े अपराधियों के खिलाफ आर्थिक मोर्चे पर भी सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपियों की करीब 83 करोड़ 32 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। सरकार का मानना है कि जब तक अपराधियों की आर्थिक ताकत कमजोर नहीं होगी, तब तक संगठित अपराध पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकता। इसलिए पुलिस ने अवैध कमाई से खरीदी गई जमीन, वाहन और अन्य संपत्तियों को भी कुर्क करने की कार्रवाई की है।
गोकशी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए वर्ष 2020 में उत्तर प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश गोवध निवारण (संशोधन) अध्यादेश-2020 लागू किया। इस अध्यादेश के जरिए कानून को पहले से अधिक सख्त बनाया गया।
नए प्रावधानों के अनुसार-
प्रदेश में गोकशी और गौ तस्करी को रोकने के लिए पुलिस की विशेष टीमें भी गठित की गई हैं। इन टीमों का मुख्य कार्य संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी रखना और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई करना है।
इन टीमों के माध्यम से
सरकार ने अवैध बूचड़खानों के खिलाफ भी लगातार अभियान चलाया है। प्रशासन की टीमों ने कई जिलों में छापेमारी कर अवैध रूप से संचालित बूचड़खानों को बंद कराया है। इन कार्रवाइयों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश में पशु वध से संबंधित सभी गतिविधियां कानून के दायरे में ही हों।
गोकशी और गौ तस्करी को रोकने के लिए पशु परिवहन से जुड़े मामलों की भी कड़ी निगरानी की जा रही है। पुलिस द्वारा हाईवे और सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष चेकिंग अभियान चलाए जाते हैं, ताकि अवैध रूप से पशुओं की तस्करी न हो सके। इसके अलावा ट्रकों और अन्य वाहनों की भी नियमित जांच की जाती है।
सरकार का दावा है कि लगातार की जा रही सख्त कार्रवाई का असर प्रदेश में साफ दिखाई दे रहा है। गोकशी और गोतस्करी से जुड़े कई संगठित गिरोहों का नेटवर्क ध्वस्त हो चुका है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सख्त कानून, लगातार निगरानी और आर्थिक कार्रवाई के कारण इस तरह के अपराधों में काफी कमी आई है।
राज्य सरकार का मानना है कि गोवंश ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। खेती-किसानी और डेयरी उद्योग में इसकी बड़ी भूमिका है। इसके साथ ही यह समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था से भी जुड़ा विषय है। इसी वजह से सरकार ने गोकशी को रोकने के लिए कठोर कानून और सख्त कार्रवाई की नीति अपनाई है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि गोकशी और गौ तस्करी के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस और प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई की जाए और किसी भी दोषी को बख्शा न जाए। अधिकारियों का कहना है कि कानून का सख्ती से पालन कराकर ही प्रदेश में इस तरह के अपराधों को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है।
Updated on:
13 Mar 2026 04:23 pm
Published on:
13 Mar 2026 04:23 pm
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