silencer stealing यूपी में कार छोड़ अब साइलेंसर की हो रही है चोरी। पकड़े गए चोरों ने जब राज बताया तो पुलिस दंग रह गई। जानें आखिर वो वजह क्या है ....
यूपी के चोरों (UP thieves) का चोरी करने का टेस्ट बदल रहा है। अब वह बड़ी नहीं छोटी वस्तुओं की चोरी कर रहे हैं। जानकर ताज्जुब में रह जाएंगे कि, चोर अब कार नहीं चुरा रहे हैं। अब वह कार की जगह साइलेंसर की चोरी ( silencer stealing) कर रहे हैं। अब साइलेंसर की चोरी के बढ़ते मामलों से लखनऊ पुलिस भी ठिठक गई। और उसका शक बढ़ने लगा कि, कुछ न हो रहा है। तो लखनऊ पुलिस ने अपने जवानों को अलर्ट किया। और अंत में वह राज सामने आया जिस की वजह से कार नहीं साइलेंसर की चोरी हो रह थी। तो मोहनलालगंज पुलिस ने गुरुवार को साइलेंसर चोरी के काले कारनामे का खुलासा किया। साइलेंसर चोरी करने वाले 11 चोरों का गैंग पुलिस की गिरफ्ता में आ गया। जब गैंग ने साइलेंसर चोरी के राज का खुलासा किया तो पुलिस दंग (Police surprised) रह गई। जानें आखिर वो राज क्या है। कैसे बदला चोरी का ट्रेंड।
साइलेंसर चोरी करने वाला गैंग गिरफ्तार
राजधानी लखनऊ में चोरों का एक ऐसा गैंग पकड़ा गया है जो कार की बजाए उसके साइलेंसर चुरा लेता था। कुछ मैकेनिकों ने इस गैंग को बनाया। मोहनलालगंज पुलिस ने गुरुवार को इस गैंग के 11 चोरों को गिरफ्तार किया। एडीसीपी दक्षिण मनीषा सिंह ने बताया कि, मोहनलालगंज, तालकटोरा और सआदतगंज में एक बड़ी कंपनी के मॉडल ईको के साइलेंसर चोरी होने लगीं। चोर कार छोड़ कर सिर्फ साइलेंसर ले गए। सीसी फुटेज में एक कार से चोर जाते नजर आए थे। गुरुवार मोहनलालगंज टिकरासानी निवासी राहुल, मऊ निवासी सूरज सिंह, उत्तरगांव निवासी भगवती प्रसाद, आशीष सिंह, फत्तेखेड़ा निवासी सैफ, हरकंशगढी निवासी अजरुद्दीन, रुचिखण्ड निवासी सुमित, आशियाना निवासी श्याम उर्फ गोलू, संजू दीक्षित, शिवा सिंह, सरोजनी नगर निवासी फहीम खान को गिरफ्तार किया गया।
पैलेडियम की वजह से होती थी चोरी
जब इन मैकनिक कम चोरों से पूछताछ की गई तो उन्होंने जो राज उगला उसे सुनकर सभी चौंक गए। होता यह है कि, साइलेंसर में पैलेडियम धातु होती है। जिसका बाजार में कीमत 175000 रुपए प्रति किलो है। पुलिस ने बताया कि, आरोपियों से करीब चार लाख रुपए की पैलेडियम धातु मिली है। दिल्ली में बैठा खरीदार उन्हें बीस हजार रुपए प्रति किलोग्राम में खरीद लेता था।
पैलेडियम खरीदने लखनऊ आता था व्यापारी
इंस्पेक्टर कुलदीप दुबे ने बताया कि, अजरुद्दीन, सूरज, सुमित चौधरी और फहीम खान कार मैकेनिक हैं। इनके जिम्मे कार में लगे साइलेंसर खोलना है। राहुल, आशीष, भगवती प्रसाद और संजू दीक्षित ड्राइवर हैं। यह ईको चिह्नित कर जानकारी देते हैं। ये आरोपी पैलेडियम दिल्ली निवासी अली को बेचते हैं। अली हर माह दो बार लखनऊ आता है।
कार सर्विस सेंटरों पर कई मैकेनिकों को फंसाया
अजरुद्दीन ने पुलिस को बताया कि, कार सर्विस सेंटरों पर काम करने वाले मैकेनिकों से भी वह लोग सम्पर्क में रहते हैं। यह मैकेनिक कहने पर पैलेडियम निकाल कर साइलेंसर दोबारा से गाड़ी में बांध देते हैं। मैकेनिक होने से इन्हें साइलेंसर खोलने में सिर्फ 8-10 मिनट ही लगते थे।