यूपी में मौसम हर दिन बदल रहा है। एक दिन तेज धूप तो दूसरे दिन तेज आंधी आ जाती है। मौसम विभाग की मानें तो अगल 72 घंटों तक ये स्थिति बरकरार रहेगी।
लखनऊ. यूपी में मौसम हर दिन बदल रहा है। एक दिन तेज धूप तो दूसरे दिन तेज आंधी आ जाती है। मौसम विभाग की मानें तो अगल 72 घंटों तक ये स्थिति बरकरार रहेगी। बीते बुधवार उत्तर प्रदेश में बुधवार शाम आई तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने से अलग-अलग जिलों में 14 लोगों की मौत हो गई जबकि कई 28 घायल हैं। सूबे के सीतापुर, फ़ैजाबाद, चित्रकूट, गोंडा, हरदोई, कौशांबी और कन्नौज जिले में आंधी और बारिश ने जमकर कहर बरपाया। आज भी इन शहरों में देर शाम मौसम खराब रहने की संभावना है।
अभी रहेगी मौसम की टेंशन
राजधानी स्थित मौसम विभाग के अनुसार, अगले 72 घंटे में कई बार हवा की गति 50 किमी/ घंटा की रफ्तार से 75 किमी/ घंटा से अधिक हो सकती है। विभाग ने इसको लेकर लोगों से सावधानी बरतने को कहा है। मौसम विज्ञान केन्द्र लखनऊ के निदेशक जेपी गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि अगले दो घंटों के दौरान गोंडा, श्रवस्ती और फैजाबाद जिलों में कुछ स्थानों पर हैलस्टोन भी होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में धूल भरी आंधी के साथ, तूफान और बारिश की संभावना है।
अवध में कई मौतें
मौसम के कहर की वजह से अवध क्षेत्र में सात लोगों की मौत हो गई। अकेले सीतापुर में 6, गोंडा में 3 और फ़ैजाबाद में एक की मरने की सूचना है जबकि कन्नौज व कौशांबी में दो-दो और हरदोई में एक की जान चली गई। गोंडा जिले के नवाबगंज क्षेत्र के अंबरपुर गांव में तेज आंधी की वजह से पेड़ की डाल गिरने से दो चचेरी बहनें कोमल व श्वेता की दबकर मौत हो गई।
मानसून के तेवर कमजोर
देश के उत्तरी व उत्तर-पश्चिमी इलाके में सक्रिय चक्रवात की वजह से मानसून की रफ़्तार धीमी हो गई है। जिसकी वजह से यूपी में मानसून चार से पांच दिन की देरी से पहुंचने की संभावना है। आंचलिक मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि वैसे तो यूपी में मानसून 15 जून करीब दश्तक देता है लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जारी उठापठक की वजह से इसकी रफ़्तार धीमी हुई है।
धुंध के भी आसार
मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली के ऊपर छाई धूल भरी धुंध का असर यूपी में भी हो रहा है। जानकारों की मानें तो राजस्थान में आई धूल भरी आंधी मुख्य वजह है। मौसम विभाग की ओर से जारी बयान में यह स्थिति बरकरार रहने की आशंका व्यक्त की गई है। ऐसे में लोगों को जल्दी राहत मिलने की संभावना नहीं है।