विपक्ष की गैरमौजूदगी में ही यूपीकोका का बिल पास कर दिया गया।
लखनऊ. यूपी विधानसभा में शीतकालीन सत्र में जहां बुधवार को योगी सरकार ने यूपीकोका का बिल पेश किया, तो वहीं आज के सत्र में इस पर जमकर बवाल हुआ। यूपीकोका का विरोध करते हुए विपक्ष के विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। जिसके बाद उनकी गैरमौजूदगी में ही यूपीकोका का बिल पास कर दिया गया। इससे पहले विपक्ष द्वारा यूपीकोका विधेयक का विरोध करने पर आज सीएम योगी ने उनको करारा जवाब दिया। सीएम योगी ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि जब सावन ही आग लगाए...उसे कौन बुझाए।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा कि बीजेपी ने कभी किसी भी कानून का दुरुपयोग नहीं किया है। हमारी सरकार बिना किसी भेदभाव के काम कर रही है। विपक्ष के लोग बिना चर्चा के कैसे इसका विरोध कर रहे हैं। जब विपक्ष कानून व्यवस्था पर सबसे ज्यादा बात करता है तो आखिर यूपीकोका का विरोध क्यों कर रहा है। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा- 'जब सावन ही आग लगाए...उसे कौन बुझाए।'
प्रदेश की खराब तस्वीर दुनिया के सामने आई-
सीएम योगी यहीं नहीं रुके और उन्होंने कहा कि जब से मैनें सत्ता संभाली है, तब से प्रदेश में बेहतर वातावरण बनाने का काम किया। शासन-प्रशासन के प्रति बेहतर माहौल के लिए कई प्रयास किये गए, लेकिन इसके बावजूद ये महसूस हुआ कि संगठित अपराध के रोकथाम के लिए एक कानून चाहिए। यहां सबको जीने का अधिकार है, लेकिन दुर्भाग्य से कुछ वर्षों में ऐसा माहौल बना कि लोगों का विश्वास टूट चुका है और प्रदेश की खराब तस्वीर दुनिया के सामने आई है।
यूपी में सुरक्षा की गारंटी हम दे रहे है-
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि निवेशक यूपी में निवेश करने से डरने लगे थे। हमने 21 और 22 फरवरी को यहां इन्वेस्टर समिट बुलाया है। ये प्रदेश के लिए शुभ है क्योंकि हम सुरक्षा की गारंटी दे रहे हैं। जब हमने 9 महीने पहले सत्ता संभाली तो इसे ठीक करने के लिए कई काम किये। धार्मिक कार्यक्रमों को तबीक किया गया। दीवाली, जन्माष्टमी और ईद का त्योहार शांति से मनाने का प्रयास हुआ। हमने अपराध मुक्त सरकार देने का वादा किया था।
क्राइम में हुई गिरावट को और कम करना है-
सीएम योगी ने यूपी में कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए उठाए गए कदमों को गिनाते हुए कहा कि यूपी में वारदातें कम हुई हैं। डकैती, लूट, हत्या, रोड होल्डिंग की घटनाओं में कमी आई है। हमें इस गिरावट को और कम करना है इसीलिए हमने पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में भी एफआईआर काउंटर खुलवाए। 2700 से ज्यादा अपराधियों ने अदालतों में समर्पण किया। महिलाओं की सुरक्षा से सम्बंधित मामले के लिए हमने एंटी रोमियो स्क्वायड बनाया।