
बांकुड़ा के सोनामुखी में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी
बांकुड़ा के सोनामुखी में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि तृणमूल के शासन में यहां बहुत तांडव हुआ है। हमारे कार्यकर्ता सुमन को गोली मार दी गई। स्वरूप घोष, पलाश घोष, उत्पल दास जैसे कार्यकर्ताओं के घर उजाड़ दिए गए। सुशोभन का हाथ काट दिया। तृणमूल की गुंडागर्दी के ऐसे अनगिनत उदाहरण भरे पड़े हैं। सीएम ने बंगालवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि केंद्र में भाजपा सरकार है, पश्चिम बंगाल में भी आप भाजपा सरकार लाइए, डबल इंजन सरकार दंगाइयों का इलाज कर देगी। तृणमूल व वामपंथी गुंडों का उपचार केवल भाजपा सरकार के पास है।
योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय भाषा में संवाद स्थापित करते हुए कहा कि अब बंगाल में ‘खेला’ बंद और भाजपा की जीत से विकास शुरू होगा। उन्होंने मंच से भाजपा प्रत्याशियों-सोनामुखी से दिबाकर घरामी, इंडास से निर्मल धारा व बरजोड़ा से बिलेश्वर सिंघा को जिताने की अपील की।
उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले बांग्लादेश में एक दलित हिंदू की निर्मम हत्या हुई। इसके खिलाफ भाजपा ने आंदोलन किया, लेकिन बंगाल की मुख्यमंत्री ममता दीदी मौन रहीं। भय था कि बोलने पर उनका मुस्लिम वोट न खिसक जाए। वोटबैंक के सौदागर बंगाल की डेमोग्रॉफी को बदलना चाहते हैं। कांग्रेस, वामपंथी दलों और तृणमूल कांग्रेस को भावी पीढ़ी के साथ खिलवाड़ करने की छूट न दीजिए। ये लोग नवरात्रि आयोजन में व्यवधान पैदा करते हैं, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। हम सब मिलकर बंगाल का पुराना वैभव लौटा सकते हैं।
यूपी के सीएम योगी ने कहा, "मैं इसी आह्वान के साथ आपके बीच आया हूं। उन्होंने बंगाल की धरती पर राष्ट्रगान के रचयिता गुरुदेव रविंद्र नाथ ठाकुर व राष्ट्रगीत के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को भी याद किया।
उन्होंने कहा कि वंदे मातरम ने जनचेतना को जागरूक कर हर भारतवासी के मन में स्वाधीनता की अलख जगाई। स्वाधीनता में अमर मंत्र बनकर वंदे मातरम ने भारत को एकता के सूत्र में जोड़ा। राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर मैं विश्वास से कह रहा हूं कि बंगाल परिवर्तन की नई राह पर चल पड़ा है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बंगाल की दुर्दशा को देखकर दुख होता है। बंगाल भारत के अध्यात्म, संस्कृति, कला-शिक्षा की धरती है। इस धरती ने उच्चकोटि के आध्यात्मिक साधक दिए हैं। अपनी उद्यमिता, परिश्रम, कल-कारखानों, युवाओं की प्रतिभा, श्रमिकों के श्रम से बंगाल एक समय भारत की जीडीपी का बड़ा हिस्सा उपलब्ध कराता था, लेकिन पहले कांग्रेस, फिर वामपंथ और 15 वर्ष से तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल को कंगाल करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
योगी आदित्यनाथ ने खुदीराम बोस को याद कर कहा कि देश की आजादी के लिए उन्होंने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमा था। नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने उद्घोष किया था कि तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा। बंगाल ने स्वामी विवेकानंद जैसा संन्यासी दिया, जिन्होंने ‘गर्व से कहो, मैं हिंदू हूं’ का भाव जगाया। बंगाल रामकृष्ण परमहंस व भारत सेवाश्रम संघ के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद की धरती है, लेकिन भारत की संस्कृति की आत्मा और राष्ट्रवाद की धरती बंगाल को तृणमूल कांग्रेस ने तुष्टिकरण, लूट-खसोट, अराजकता की धरती बनाकर रख दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो अराजकता, अव्यवस्था, गुंडागर्दी आज पश्चिम बंगाल में है। 9 वर्ष पहले वही स्थिति उत्तर प्रदेश में भी थी। वहां त्योहारों के पहले दंगे होते थे, महीनों कर्फ्यू रहता था। गुंडे-माफिया समानांतर सत्ता चलाते थे। 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर उत्तर प्रदेश में जनता-जनार्दन ने डबल इंजन सरकार बनाई तो आज यूपी में तुष्टिकरण नहीं, संतुष्टिकरण है।
Updated on:
12 Apr 2026 05:11 pm
Published on:
12 Apr 2026 05:09 pm
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