उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने महज 40 दिन में रिजल्ट जारी कर रिकार्ड कायम किया है। आयोग ने पीसीएस 2018 की सबसे बड़ी भर्ती कराने के बाद अब पीसीएस 2020 प्रारंभिक परीक्षा का सबसे जल्द रिजल्ट देने का कीर्तिमान बनाया है।
लखनऊ. उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने महज 40 दिन में रिजल्ट जारी कर रिकार्ड कायम किया है। आयोग ने पीसीएस 2018 की सबसे बड़ी भर्ती कराने के बाद अब पीसीएस 2020 प्रारंभिक परीक्षा का सबसे जल्द रिजल्ट देने का कीर्तिमान बनाया है। इसी के साथ इस उपलब्धि में एक बात और जुड़ गई है। भर्ती पदों की संख्या भी बढ़ गई है। पदों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। इस कदम से मुख्य परीक्षा के लिए सफल होने वाले मेधावियों की तादाद में बड़ा इजाफा हुआ है। बता दें कि यूपीपीएससी की पीसीएस प्री परीक्षा 11 अक्टूबर को कराई गई थी। इस परीक्षा में तीन लाख से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल हुए थे। 2020 का यह परिणाम इसलिए भी चकित करता है, क्योंकि इसी आयोग में 2016 व उसके पहले की परीक्षाएं इन दिनों कराई जा रही हैं। आयोग ने इसके पहले 11 सितंबर को ही पीसीएस 2018 परीक्षा का अंतिम परिणाम जारी किया था। यह इम्तिहान सबसे अधिक 988 पदों के लिए था।
पदों की संख्या हुई दोगुनी
यूपीपीएससी पीसीएस 2020 की भर्ती संख्या में इजाफा हुआ है। आयोग अध्यक्ष डा. प्रभात कुमार भर्ती आयोगों की बैठक में मुख्यमंत्री येगी से अनुरोध किया कि प्रदेश के सभी विभाग अधियाचन भेज दें। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सख्त आदेश दिया कि पीसीएस स्तर के सभी पदों का अधियाचन भेजा जाए। उसका यह असर रहा कि प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम 487 पदों के सापेक्ष जारी हुआ है। यानी 235 पद परीक्षा होने के बाद बढ़े हैं। पद बढ़ने से अभ्यर्थियों का चयन भी बढ़ा है। यूपीपीएससी में नियम है कि पीसीएस की प्रारंभिक परीक्षा परिणाम के पहले तक जिन विभागों से रिक्त पदों का अधियाचन मिल जाएगा, उन्हें भर्ती के कुल पदों में जोड़ दिया जाएगा। उन पदों के सापेक्ष 13 गुना अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया जाएगा। सचिव जगदीश के अनुसार 487 पदों के सापेक्ष में 13 गुना अभ्यर्थी सफल हुए हैं।