Uttarakhand Avalanche: उत्तराखंड में बढ़ते हिमस्खलन से बड़ा खतरा मंडरा रहा है। साल 2010 से 2022 तक यह आपदा करीब 66 जिंदगियां छीन चुका है।
Uttarakhand Avalanche: उत्तराखंड के चमोली जिले में बर्फीले तूफान की चपेट में 55 मजदूर आ गए, जिनमें से 47 को रेस्क्यू कर लिया गया है। वहीं, 8 अभी भी लापता हैं। यह पहली बार नहीं है, जब उत्तराखंड में हुई हिमस्खलन में लोग दबे हैं। इससे पहले भी एवलांच की वजह से आई बर्फ की बाढ़ में दबकर कई लोग जान गंवा चुके हैं। इनमें सबसे बड़ा हादसा 4 अक्टूबर 2022 को हुआ था, जिसमें 29 लोगों ने अपनी जान गवां दी।
साल 2010 में उत्तरकाशी में हुए एवलांच की वजह से उत्तराखंड सुर्खियों में आ गया। उत्तरकाशी में गंगोत्री-गोमुख मार्ग पर 1 और गंगोत्री- कालिंदी पास पर हुए एवलांच में करीब 8 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद साल 2021 में हुए एवलांच की अलग-अलग घटनाओं में करीब 23 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी।
● वर्ष 2022: द्रौपदी का डांडा, उत्तरकाशी, में पर्वतारोही दल के 29 सदस्यों की मौत
● वर्ष 2021: लमखागा चितकुल ट्रैक, उत्तरकाशी में आठ लोगों की मृत्यु
● वर्ष 2021: त्रिशूल चोटी पर नौसेना के पांच पर्वतारोहियों सहित छह की मौत
● वर्ष 2021: लमखागा दर्रे,उत्तरकाशी में एवलांच से नौ पर्यटकों की मौत
● वर्ष 2012: वासुकी ताल के पास एवलांच आने से बंगाल के पांच पर्यटकों की मौत
● वर्ष 2010: गंगोत्री-गोमुख और गंगोत्री-कालिंदी पास पर नौ पर्यटकों की मृत्यु