
लखनऊ. विद्युत कर्मचारी मोर्चा संगठन उत्तर प्रदेश द्वारा नौ सूत्रीय मांगपत्र के समर्थन में पांच चरणों के आंदोलन के तृतीय चरण में लेसा मुख्य अभियंता कार्यालय पर एक दिवसीय धरना कार्यक्रम संपन्न हुआ।
धरनास्थल पर लखनऊ, गोला, लखीमपुर-खीरी, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, बलरामपुर, हरदोई आदि स्थानों से सैकड़ों पदाधिकारी एवं कर्मचारी और संविदाकर्मी भारी संख्या में उपस्थित हुए। उपस्थित कर्मचारियों ने मांगपत्र के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों का आक्रोश चरम सीमा पर था। उपस्थित कर्मचारी करो या मरो की स्थिति में थे। नेताओं ने बड़ी मुश्किल से कर्मचारियों के गुस्से को शांत किया। सभा को मुख्य रूप से छोटे लाल दीक्षित, नवीन गौतम, सरजू द्विवेदी, ओपी श्रीवास्तव और मनीष श्रीवास्तव आदि ने संबोधित किया।
ये थी मांगें
- वेतन आयोग की अनुशंसा सेवा निवृत्त कार्मिकों के लिए भी तत्काल लागू करने के आदेश दिए जाएं।
- छठवें वेतन आयोग के आदेश संख्या 17 पा. का. लि. दिनांक 19 फरवरी 009 के पेज नंब 2 पर उल्लखित टिप्पणी के समाप्त हुए बिना कर्मचारियों को 80 प्रतिशत विसंगतियों का समाधान संभव नहीं। उक्त टिप्पणी को समाप्त किया जाए।
- 7वें वेतन पुनरीक्षण के आधार पर वेतन निर्धारण में अवर अभियंताओं एवं अभियंताओं की भांति, दो या ती वेतन वृद्धियां जोड़ी जाएं।
- कार्यालय सहायक एवं टीजी-2 का तृतीय समयबद्ध वेतनमान में 6600 ग्रेड पे देने पर ही मूल ग्रेड पे 4200 का हो पाएगा।
- सेस के कर्मचारियों का संवीलियन अप्रैल 1997 से करते हुए सभी मस्टर रोल कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
- सभी सेस कर्मियों की पेंशन देने के तत्काल आदेश किए जाएं एवं ड्राइंग कैडर को पुर्नजीवित करने के आदेश तत्काल किए जाएं।
- समझौते के अनुसार शेष कार्यरत मस्टर रोल एवं संविदा कर्मियों पर आदेश, कर्मचारियों एवं किसानों के ट्यूबबेल हेतु बनी सहमति के आधार पर निशुल्क बिजली, उपभोक्ता की बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए क्षेत्रों के मंडलों, खंडों उपकेंद्रों की बढ़ती हुई संख्या के आधार पर संविदा कर्मियों को समायोजित करने सहित लगभग दो लाख 33 हजार की भर्ती, एचसीएल सहित सभी बड़े-बड़े घोटालों में जांच कर दोषी लोगों को तत्काल दंडित करना आदि।
- जिन पर प्रबंधन की सहमति बन चुकी है और सहमति के बिंदुओं पर प्रबंधन अनावश्यक रूप से हीलाहवाली कर रहा है, जिसे अब और बर्दाश्त करने को संगठन तैयार नहीं है।
तो उठाएंगे कठोर कदम
वक्ताओं ने कहा कि अभी अगर प्रबंधन सही निर्णय मांग पत्र के सहमति के बिंदुओं पर नहीं लेता है तो आने वाले चौथे और पांचवें चरण के कार्यक्रम में कोई भी बड़ा निर्णय संगठन द्वारा लिया जा सकता है। जिसमें बलिदानी जत्थे का भी प्रयोग हो सकता है। और इससे पूरे सूबे में में उत्पन्न होने वाली स्थिति की जिम्मेदारी पूरे तौर पर लापरवाह और संवेदनहीन प्रबंधन की होगी।
मुख्य अभियंता लेसा इ. ने स्वीकार किया ज्ञापन
धरना स्थल पर मुख्य अभियंता लेसा इ., आशुतोष श्रीवास्तव ने स्वयं उपस्थित होकर संगठन द्वारा मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को प्रेषित ज्ञापन स्वीकर किया। और धरना स्थल पर उपस्थित अधिकारियों को आश्वस्त किया कि संगठन के मांग पत्र को मा. मुख्यमंत्री जी तक पहुंचा दिया जाएगा।