
लखनऊ. यूपी के मोस्ट वॉन्टेड अपराधी विकास दुबे (Vikas Dubey) के फिल्मी स्टाइल में एनकाउंटर (Encounter) होने के बाद अब अपराधियों को खुद के एनकाउंटर होने का डर सताने लगा है। विकास दुबे का ही एक साथी गिरफ्तारी के बाद इतना खौफ में है कि उसने सड़क मार्ग से कानपुर जाने से मना कर दिया है। वह चाहता है कि उसे प्लेन से कानपुर पहुंचाया जाए। गौरतलब है कि विकास को गिरफ्तार करने के बाद उसे पहले प्लेन से ही कानपुर लाया जाना था, लेकिन एन वक्त पर उसे गाड़ियों के काफिले से कानपुर लाया गया। और उसके साथ जो हुआ, वह सबके सामने है। आज जिसने इस डर से सड़क मार्ग से कानपुर न ले जाने की मांग की है वह कुख्यात अपराधी विकास दुबे का साथी अरविंद त्रिवेदी है। हालांकि उसे अब यूपी पुलिस ने क्लीन चिट दे दी है।
दरअसल मुंबई एटीएस ने अरविंद उर्फ गुड्डन त्रिवेदी और सोनू तिवारी को शनिवार को पकड़ा था। यूपी पुलिस ने रविवार को एक प्रेसनोट जारी कर कहा कि गुड्डन व सोनू दोनों का कानपुर के चौबेपुर एनकाउंटर केस से कोई सम्बंध नहीं है। न ये नामित अथवा न ही वांछित हैं। इससे पहले यूपी पुलिस ने 3 जुलाई को अरविंद को वांछित बताया था और उस पर 25 हजार रुपए का इनाम भी रखा था।
कोर्ट में अरविंद का पक्ष रखा गया-
शनिवार को अरविंद को 21 जुलाई तक की न्यायिक हिरासत में मुंबई की तलोजा जेल भेज दिया गया था। उसके वकील ने कोर्ट में कहा कि अरविंद को डर है कि सड़क मार्ग से ले जाने पर उसका एनकाउंटर किया जा सकता है। इसलिए वह चाहता है कि उसे सड़क के बजाए प्लेन से कानपुर भेजा जाए। रविवार को यूपी पुलिस द्वारा बयान आने के बाद अब यह देखना होगा कि उसे कानपुर लाया जाएगा अथवा नहीं।