
Vishwakarma Shram Samman Yojana 10 Lakh Loan: उत्तर प्रदेश सरकार ने बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना-2 को विस्तार दिया है। इस योजना के तहत 14 नए ट्रेड शामिल किए गए हैं। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद एमएसएमई विभाग ने योजना पर काम शुरू कर दिया है। युवाओं को प्रशिक्षण देकर दक्ष बनाया जाएगा और बैंक से ऋण दिलाकर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
नई सूची में आधुनिक ट्रेड के रूप में मोबाइल मरम्मत, ऑटोमोबाइल मरम्मत, इलेक्ट्रॉनिक सामान की मरम्मत, विद्युत सामान की मरम्मत, प्लंबर, कंप्यूटर मरम्मत, सोलर इंस्टॉलेशन, डिजिटल फोटोग्राफी तथा सौंदर्य एवं वेलनेस को शामिल किया गया है। पारंपरिक ट्रेड में मूर्तिकार, मालाकार, दूध कारोबार, भरभूजा और मछली पालन को भी योजना का लाभ मिलेगा।
इससे पहले विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के पारंपरिक कारीगर शामिल थे। इनमें बढ़ई, दर्जी, कुम्हार, लोहार, टोकरी बुनकर, सुनार, नाई, हलवाई, मोची, राजमिस्त्री और धोबी शामिल थे। अब नए ट्रेड जुड़ने से योजना का दायरा और व्यापक हो गया है।
योजना के तहत नए ट्रेड के कारीगरों को बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करने या सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए दस दिन का मुफ्त कौशल उन्नयन प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण आईटीआई, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड तथा संबंधित सेक्टर के सरकारी और अर्धसरकारी संस्थानों के माध्यम से कराया जाएगा। संस्था का चयन उद्योग विभाग करेगा।
प्रशिक्षण के बाद लाभार्थियों को कार्यक्षमता, दक्षता और उत्पाद गुणवत्ता बढ़ाने के लिए अधिकतम 15 हजार रुपये तक की मुफ्त टूल किट दी जाएगी। प्रशिक्षित युवाओं को प्रोजेक्ट लागत के सापेक्ष 10 लाख रुपये तक का ऋण बिना बैंक गारंटी और बिना ब्याज के उपलब्ध कराया जाएगा। ऋण की मार्जिन मनी सब्सिडी के रूप में दी जाएगी।
यह योजना छोटे उद्योगों को बढ़ावा देकर लोगों को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई है। कई तरह की वित्तीय सहूलियतें भी दी जाएंगी। योगी सरकार का लक्ष्य है कि युवा कौशल सीखकर आत्मनिर्भर बनें और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ें। योजना के क्रियान्वयन से प्रदेश के हजारों बेरोजगार युवाओं को फायदा होने की उम्मीद है।