Mayawati Post: बसपा में सब कुछ सही दिखाई नहीं दे रहा। पहले भतीजे आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकाला जाना और अब बसपा सुप्रीमो मायावती द्वारा वास्तविक उत्तराधिकारी को लेकर की गई पोस्ट के बाद नई बहस छिड़ गई है।
Akash Anand: बसपा प्रमुख मायावती ने रविवार को सोशल मीडिया एक्स पर एक के बाद एक पांच पोस्ट कर उत्तराधिकारी बदलने के संकेत दिए। मायावती ने रविवार को एक्स पर लिखा, "कांशीराम की तरह ही मेरे जीतेजी पार्टी व मूवमेंट का कोई उत्तराधिकारी तभी बनेगा, जब वह हर दुख-तकलीफ उठाकर, उसे आगे बढ़ाने में लगा रहे। देश में डा. भीमराव अंबेडकर के मानवतावादी कारवां को सत्ता तक पहुंचाने के लिए कांशीराम ने सब कुछ त्याग कर बसपा की स्थापना की। कांशीराम की शिष्या व उत्तराधिकारी होने के नाते उनके पदचिह्नों पर चलते हुए मैं अपनी आखिरी सांस तक हर कुर्बानी देकर संघर्ष जारी रखूंगी।"
मायावती के इस पोस्ट को भतीजे आकाश आनंद को चेतावनी के रूप में माना जा रहा है। इससे यह भी संकेत निकल रहे हैं कि आकाश आनंद ने अगर उनके तौर-तरीकों से काम नहीं किया तो उनके हाथ से उत्तराधिकारी बनने का मौका निकल सकता है।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर रखा है। वह आकाश आनंद को पूरी तरह से राजनीति में सक्रिय करने में लगी हुई थीं। पहले आकाश को महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, पंजाब और हरियाणा विधानसभा चुनाव में लगाया। फिर लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश का स्टार प्रचारक बनाते हुए मैदान में उतारा। लेकिन सीतापुर में सभा के बाद एफआईआर होते ही उनके कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया।
कुछ दिनों बाद मायावती ने उन्हें अपरिपक्व बताते हुए हटा दिया। मायावती ने कुछ महीनों बाद फिर हरियाणा और दिल्ली विधानसभा चुनाव की पूरी जिम्मेदारी दी। इन दोनों चुनावों में टिकट वितरण में मनमानी की बात आई है। कहा जा रहा है कि इसी के चलते अनुमान के अनुरूप परिणाम नहीं आया। इसके लिए भी काफी हद तक अशोक सिद्धार्थ और आकाश आनंद को जिम्मेदार माना जा रहा है।