लखनऊ

योगी कैबिनेट का ऐतिहासिक फैसला: संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा, 24 साल बाद बढ़ाई छात्रवृत्ति

UP Cabinet Sanskrit Scholarship:आखिरी बार 2001 में तय हुई थी छात्रवृत्ति, 24 साल बाद योगी सरकार ने छात्रवृत्ति की दर में की है वृद्धि. आइये जानते है और क्या हुआ बदलाव...
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Updated: 28 Aug 2024, 7:49 AM IST
UP Cabinet Sanskrit Scholarship
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UP Cabinet Sanskrit Scholarship: योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए प्रदेश के संस्कृत विद्यालयों और महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति में वृद्धि करने का निर्णय लिया। 24 साल बाद इस बढ़ोतरी के साथ, अब सभी आय वर्ग के विद्यार्थी संस्कृत की पढ़ाई करते हुए छात्रवृत्ति का लाभ उठा सकेंगे।

मुख्य बिंदु

प्रथमा (कक्षा 6 और 7): ₹50/माह
प्रथमा (कक्षा 8): ₹75/माह
पूर्व मध्यमा (कक्षा 9 और 10): ₹100/माह
उत्तर मध्यमा (कक्षा 11 और 12): ₹150/माह
शास्त्री: ₹200/माह
आचार्य: ₹250/माह

संस्कृत शिक्षा को मिलेगी नई दिशा

माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने बताया कि यह फैसला संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है। यह छात्रवृत्ति सभी आय वर्ग के विद्यार्थियों के लिए होगी, जिससे संस्कृत पढ़ने के लिए अधिक से अधिक छात्रों को प्रोत्साहित किया जा सके।

योगी सरकार की पहल

उत्तर प्रदेश में कुल 517 संस्कृत विद्यालय हैं, जहां इस छात्रवृत्ति का लाभ मिलेगा। शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि सरकार का यह कदम संस्कृत भाषा को प्रोत्साहित करने के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे इसे नई पीढ़ी में और भी लोकप्रिय बनाया जा सके।

पर्यटन में निजी उद्यमियों को बढ़ावा

इसके अलावा योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा संचालित पर्यटक आवास गृहों को 30 साल के लिए निजी उद्यमियों को संचालित करने का निर्णय लिया है। इस कदम से पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे

Updated on:
28 Aug 2024, 7:49 AM IST
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