पुराने कॉलेजों में कल तक और नए कॉलेजों में 14 अगस्त तक प्रवेश प्रक्रिया जारी रहेगी
महासमुंद. शासकीय महाविद्यालयों में बीए व बीएससी कोर्स का क्रेज बरकरार है। वहीं बी-कॉम में छात्र-छात्राओं रूझान कम है। शहर के वल्लभाचार्य और माता कर्मा कॉलेज में दोनों पाठ्यक्रम की सीटें फुल हो गई हैं। इसके अलावा पुराने कॉलेजों में कल तक और नए कॉलेजों में 14 अगस्त तक प्रवेश प्रक्रिया जारी रहेगी।
इस वर्ष बीए कोर्स में प्रवेश के लिए सबसे ज्यादा आए थे। वल्लभाचार्य महाविद्यालय में बीए के लिए 825 आवेदन आए थे। यहां कुल 440 सीटें फुल हो गई हंै। वही माता कर्मा महाविद्यालय में बीए कोर्स के लिए 90 आवेदन आए थे। वल्लभाचार्य महाविद्यालय में बीएससी बायो के लिए सबसे ज्यादा आवेदन आए थे। 275 सीटों के लिए कुल 742 आवेदन आए थे। वहीं बीएससी गणित में 160 सीटों के लिए 181 आवेदन आए थे, लेकिन अभी सीटें खाली हैं। वहीं माता कर्मा महाविद्यालय में बीएससी में 60 सीटों पर एडमिशन पूरा हो गया है। वल्लभाचार्य महाविद्यालय में बीकॉम कॉमर्स के लिए 293 आवेदन आए थे, लेकिन 225 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। वहीं माता कर्मा महाविद्यालय में भी बीकॉम की 60 में 34 सीटों पर विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। प्रोफेशनल कोर्स के प्रति रूझान घट रहा है। गौरतलब है कि परंपरागत कोर्स में अवसर ज्यादा होते हैं। विद्यार्थियों में नए पाठ्यक्रम कृषि में भी रुचि बढ़ी है। इस वर्ष पीएटी में पूरे प्रदेश से 55,818 विद्यार्थी सम्मिलत हुए थे। इसमें जिले के विद्यार्थी भी शामिल हुए थे।
वल्लभाचार्य महाविद्यालय में छात्रों का प्रवेश मेरिट लिस्ट व आरक्षित वर्गों को ध्यान में रखकर किया गया है। मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों का चयन हुआ है। अनारक्षित वर्ग में 65, ओबीसी 55, एसटी में 45, एसी 45 तक को भी प्रवेश मिला है। वहीं कई विद्यार्थी ऐसे भी हैं, जिनका आवेदन तो आया था, मेरिट लिस्ट में नाम भी आया था, लेकिन प्रवेश नहीं लिया है। वहीं जिन्होंने प्रवेश लिया भी है, तो उन्होंने अब तक फीस जमा नहीं की है।
कर्मा कॉलेज के प्राचार्य सरिता सिन्हा ने कहा कि 10 अगस्त तक कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया चलेगी। बीकॉम को छोडक़र सभी सीटें भर गई हंै। पिछले साल की अपेक्षा इस वर्ष जल्दी सीटें भर गईं। पिछले साल इतने समय तक काफी सीटें खाली थी।
बीकॉम 293 225 जारी
बीकॉम 34 60 34
वल्लभाचार्य महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य अनुसुइया अग्रवाल ने कहा कि बीए पाठ्यक्रम के लिए सबसे ज्यादा आवेदन आए थे। बीए, बीएससी बायो में सीटें फुल हो गई हैं। वर्तमान में सीटों की संख्या सीमित होती है। उतना ही प्रवेश लेना होता है।