अचानक निरीक्षण में पहुंचे अफसर कक्षा में बच्चों की शिक्षा का स्तर परख रहे थे और स्कूल का हेडमास्टर का पता नहीं था, वह स्कूल पहुंचा भी तो नशे में धुत
महासमुंद.जानकारी के अनुसार मंगलवार को महासमुंद बीईओ प्रदीप कुमार शर्मा बिरकोनी अंचल के स्कूलों के दौरे पर थे। वे सुबह करीब 10 बजे शासकीय प्राथमिक शाला बडग़ांव पहुंचे। स्कूल लगने का समय साढ़े 9 बजे है, लेकिन प्रधानपाठक पहुंचे नहीं थे। हालांकि अन्य शिक्षक कक्षाओं में बच्चों को पढ़ा रहे थे। शिक्षा स्तर परखने के लिए बीईओ शर्मा कक्षाओं में जाकर बच्चों से मुखातिब हुए। उन्होंने बच्चों से बात की, उन्हें पढ़ाया और पाठ्यक्रम से संबंधित सवालों के अलावा शिक्षकों के बारे में भी पूछा। बच्चे अपने मुंह से कुछ शिकायत करते, तभी प्रधानपाठक स्कूल पहुंचा, जो इस कदर नशा किया हुआ था कि उसके पैर लडख़ड़ा रहे थे और वह ठीक से बोल भी नहीं पा रहा था। उसकी हालत देखकर बीईओ और शिक्षक ही नहीं, बच्चे भी समझ गए कि उसने जमकर पी रखी है। बीईओ ने उसे सबके सामने ही जमकर फटकारा। उन्होंने शाला समिति के सदस्यों और ग्रामीणों को बुलवाया। शाला समिति के अध्यक्ष सेवकराम धु्रव, भुवनेश्वर निषाद, खोमन शर्मा आदि ग्राम के प्रमुख लोग स्कूल पहुंचे। प्रधानपाठक से पूछा गया कि वे ऐसा क्यों करते हैं, बच्चों पर क्या असर पड़ेगा, वह बच्चों का भविष्य क्यों खराब कर रहा है, तो वह बस यही कहता रहा कि गलती हो गई...गलती हो गई। सबके सामने पंचनामा तैयार किया गया और डॉक्टरी मुलाहिजा के लिए उसे महासमुंद लाया गया।
रोज पीकर आता है स्कूल
ग्रामीणों और बच्चों ने अधिकारी को बताया कि प्रधानपाठक रोज नशे की हालत में स्कूल आता है। रजिस्टर में अपनी हाजिरी चढ़ाता है और चला जाता है। रुकता है तो स्कूल में बवाल मचाता है। शिक्षकों और बच्चों से अभद्र व्यवहार करता है।गांव वाले उसे समझाइश देकर छोड़ देते थे, लेकिन उसकी हरकतों में कोई सुधार नहीं हुआ। इस पर गांव वालों ने कई बार लिखित शिकायत भी की थी, लेकिन अफसरों ने भी ध्यान नहीं दिया।
कार्रवाई की जाएगी
बीएल कुर्रे, डीईओ, महासमुंद