महासमुंद

सोसाइटी में रात दो बजे से पहुंच गए थे किसान, टोकन के लिए हुई जद्दोजहद

टोकन नंबर के लिए ऐसी जद्दोजहद है कि किसानों को आधी रात से ही कतार में खड़ा होना पड़ रहा है। फिर भी मायूसी हाथ लग रही है

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Nov 25, 2018
सोसाइटी में रात दो बजे से पहुंच गए थे किसान, टोकन के लिए हुई जद्दोजहद

महासमुंद. टोकन नंबर के लिए ऐसी जद्दोजहद है कि किसानों को आधी रात से ही कतार में खड़ा होना पड़ रहा है। फिर भी मायूसी हाथ लग रही है। यही वजह है कि किसान समय पर अपनी उपज नहीं बेच पा रहे हैं। पिटियाझर सहकारी समिति में शुक्रवार की रात से किसानों की लंबी लाइन लगी थी। दोपहर एक बजे तक एक भी किसान को टोकन नहीं मिला। कुछ किसान बैरंग ही लौट गए।

एक नवंबर से जिले के 122 केंद्रों में धान खरीदी शुरू हुई है। पिछले कुछ दिनों से केंद्रों में धान की आवक बढ़ी है, लेकिन किसानों के लिए टोकन नंबर सिरदर्द बन गया है। घंटों इंतजार के बाद भी टोकन नहीं मिल रहा है, तो कुछ किसानों को दिसंबर और जनवरी का टोकन दिया जा रहा है। अब तक जिले में सात लाख क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है। इसमें केवल एक लाख क्विंटल धान का उठाव हुआ है, ऐसे में धान जाम होने की आशंका को लेकर समय पर टोकन नहीं दिए जाने की खबर आ रही है। वहीं किसान मिलीभगत का आरोप भी लगा रहे हैं।

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किसानों का कहना है कि चहेतों को पहले टोकन दिया जा रहा है। किसान बाबूलाल चंद्राकर ने बताया कि वे रात 2 बजे से पिटियाझर सहकारी समिति में आए थे। पट्टा देने के बाद टोकन नहीं मिला। रात से ही कुछ खाया भी नहीं है। महासमुंद के गोवर्धन साहू और खरोरा के बिट्टू ठाकुर ने बताया कि रात दो बजे से आए लोगों को टोकन नहीं मिला है, वहीं जो चहेते हैं, उन्हें पहले टोकन दिया जा रहा है।

इलेक्ट्रानिक वेट मशीन नहीं
धान खरीदी केंद्रों में इलेक्ट्रानिक मशीन की व्यवस्था नहीं होने से खरीदी में ज्यादा समय लग रहा है। बाट की सहायता से वेट किया जा रहा है। कर्मचारियों ने बताया कि इलेक्ट्रानिक वेट मशीन होना चाहिए था, इससे तौलने में ज्यादा आसानी होती। बार-बार बाट हटाने में मेहनत करनी पड़ती है। कर्मचारियों को भी मशक्कत करनी पड़ रही है। पिटियाझर उपार्जन केंद्र के साथ ही बरोंडाबाजार में भी बाट से ही तौला जा रहा है।

धान की खरीदी के लिए रोस्टर निर्धारित
खरीदी केंद्रों में धान खरीदी के लिए गांवों का दिन निर्धारित किया गया है। किसानों को उसी दिन टोकन सहित ऋण पुस्तिका, पंजीयन प्रमाण-पत्र, बैंक पास बुक, टोकन लेकर आना है। इसके बाद ही धान खरीदी होगी। वहीं शनिवार को ऑफिस कार्य ही हो रहा है। सोमवार से शुक्रवार खरीदी हो रही है।

महासमुंद के जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव ने बताया कि टोकन नहीं मिल रहा है, ऐसी जानकारी नहीं मिली है। धान की आवक पिछले कुछ दिनों से बढ़ी है। नापतौल विभाग से प्रमाणित बाट ही दिए गए हैं।

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Published on:
25 Nov 2018 04:30 pm
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