
विद्युत तारों में हुकिंग और मीटर से छेड़़छाड़ कर हो रही बिजली चोरी
कवर्धा. आम लोगों व ईमानदारी से भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं से पूरी दादागिरी से वसूली करने वाली विद्युत कंपनी चोरों को पकडऩे में नाकाम है। शहर व गांवों में खुलेआम हुकिंग हो रही है। मीटर से छेड़छाड़ कर बिजली चोरी की जा रही है, जिससे सालाना लाखों रुपए की चपत लग रही है। बावजूद इसके विद्युत वितरण कंपनी इन पर शिकंजा नहीं कस पा रहा है।
कवर्धा जिले में रोजाना करोड़ों की बिजली खपत होती है, जिसमें कुल बिजली का 30 फीसदी चोरी के कारण बर्बाद हो जाती है। ये वो बिजली है, जिसका इस्तेमाल विद्युत तारों से हुकिंग कर गैर-कानूनी तरीके से किया जाता है। इसका पैसा विद्युत कंपनी को नहीं मिल पाता है। इसे विद्युत कंपनी प्रतिमाह लाखों रुपए के नुकसान में रहती है।
जिले में वर्तमान में 90 मेगावाट बिजली का उपभोग अलग-अलग तरह के एक लाख 23 हजार से ज्यादा उपभोक्ता करते हैं। इनमें एकल बत्ती से लेकर घरेलू व इंडस्ट्रीयल भी शामिल हैं। इसके अलावा चोरी से बिजली का उपयोग करने वालों की भी कमी नहीं है। ऐसे लोग विद्युत तारों में हुकिंग और मीटर से छेड़छाड़ कर बिजली चोरी करते हैं। लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही है।
कवर्धा शहर में कई ऐसे इलाकें है, जहां अतिक्रमण कर लोग निवास कर रहे हैं। वहां बिजली चोरी की शिकायत ज्यादा है। अतिक्रमणकारियों ने न सिर्फ अपनी झोपडिय़ों बल्कि गुमटी वाले दुकानों में टीवी, फ्रिज आदि रखे हुए हैं, जिसे चलाने के लिए वे चोरी की बिजली का इस्तेमाल करने से नहीं चूक रहे हैं। विद्युत कंपनी इस बात से अच्छी तरह वाकिफ हैं। बावजूद इसके वे कार्रवाई करने के बजाय केवल तमाशा देख रहे हैं। इससे लोग और फायदा उठा रहे हैं।
विद्युत चोरी के कारण लाइन लॉस की समस्या बढ़ गई है, जिससे कंपनी को नुकसान होता है। विद्युत कंपनी इस घाटे की भरपाई आम उपभोक्ताओं की जेब काटकर करता है। इसमें बिजली चोरी का एक बड़ा हिस्सा होता है। यदि इससे भी घाटे की भरपाई नहीं हो पाती है, तो मेंटनेंस का बहाना बनाकर बिजली कटौती किया जाता है। हालांकि कंपनी के अधिकारी इस बात को पूरी तरह से नकार रहे हैं।
बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ दण्ड का भी प्रावधान है। कंपनी की मानें तो विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 अंतर्गत बिजली चोरी के मामलों में सजा अथवा जुर्माने हो सकता है। दोष साबित होने की स्थिति में बिल का छह गुना तक वसूला जा सकता है। वहीं बिजली चोरी के दोषी को तीन महीने से तीन साल की सजा हो सकती है।
Published on:
25 Nov 2018 03:46 pm
