
महासमुंद. भूमिपूजन के लिए सियासी घमासान के बाद अब राष्ट्रीय राजमार्ग-353 पर सडक़ चौड़ीकरण व सौंदर्यीकरण के लिए सितली नाला से निर्माण कार्य की शुरुआत हो गई है। नाला पर नया पुल आकार ले रहा है। फिर यहां से सर्किट हाउस तक निर्माण कार्य होगा। जानकारी के मुताबिक भुवनेश्वर की एक कंपनी को इसका ठेका दिया गया है।
सौंदर्यीकरण और चौड़ीकरण के बाद एनएच-253 की सूरत बदल जाएगी। इसमें करीब 58 करोड़ रुपए खर्च होंगे। एनएच के अफसरों के मुताबिक घोड़ारी से लेकर लभरा सर्किट हाउस तक सडक़ चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण का कार्य होना है। चौड़ीकरण कार्य में बाधक बनने वाले बिजली पोल, पेड़ और भवनों का भी चिन्हांकन कर लिया गया है। एनएच से करीब 345 पेड़ काटे जाएंगे। जानकारी के मुताबिक करीब 13 किमी तक सडक़ चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण के कार्य में करीब एक साल का वक्त लगेगा। यह कार्य पूरा होने के बाद शहर की तस्वीर बदल जाएगी। लोगों को टै्रफिक जाम से भी मुक्ति मिल जाएगी। इसके अलावा आसपास की गुमटी-ठेले हटने से वाहन चालकों को आवागमन में आसानी होगी। राष्ट्रीय राजमार्ग-३५३ पर दो पुलिया की चौड़ाई ३-३ मीटर बढ़ाई जाएगी। जिससे राहत मिलेगी।
नेशनल हाईवे की सडक़ चौड़ीकरण कार्य की शुरुआत सितली नाला में पुल निर्माण से हुई है। विधायक डॉ. विमल चोपड़ा ने कार्य का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नेशनल हाईवे और ठेकेदार के लोगों को गुणवत्तायुक्तकार्य कराने के निर्देश दिए। ज्ञात हो कि विधायक डॉ. चोपड़ा ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडगरी से भेंटकर उक्तकार्य की मांग की थी। इस पर उन्होंने 58 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी। आने वाले दिनों में शहर की जनता को एक सौगात मिलेगी।
जानकारी के मुताबिक सडक़ के दोनों ओर बिजली पोलों को हटाने के लिए नगर पालिका करीब ढाई करोड़ रुपए बिजली विभाग को देगी। राशि मिलने के बाद ट्रांसफार्मर व पोलों को हटाने की प्रक्रिया शुरू होगी। एनएच पर करीब 263 पोलों का चिन्हांकन किया गया है। इसी के साथ खरोरा से सर्किट हाउस तक कुल 345 पेड़ों को चिन्हांकित कर लिया गया है। पेड़ों की सूची और राशि मिलने के बाद वन विभाग पेड़ों को हटाने की कार्यवाही शुरू करेगा।
एनएच के सब इंजीनियर एसके द्विवेदी ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग-353 में चौड़ीकरण व सौंदर्यीकरण के तहत अभी शीतली नाला से सर्किट हाउस तक निर्माण कार्य होगा। सितली नाला पर पुल निर्माण का काम शुरू हो गया है।
भुवनेश्वर की कंपनी को कार्य का ठेका