CG News: दुर्घटना के बाद आस-पास के लोगों ने एंबुलेंस को बुलाया और अस्पताल में भर्ती कराया। दो की मौके पर ही मौत हो गई थी। श्रवण धीवर मंदिर हसौद रायपुर और नासिर हुसैन राजनांदगांव की मौके पर ही मौत हो गई।
CG News: महासमुंद जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत शनिवार को लभराखुर्द फिंगेश्वर मोड़ के पास बाइक को ओवरटेक करने के चक्कर में दो बाइक में जबर्दस्त भिड़ंत हो गई। इस घटना में अलग-अलग बाइक में सवार एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। एक बाइक में सवार लोग खल्लारी मेला देखने के बाद लौट रहे थे।
दुर्घटना के बाद आस-पास के लोगों ने एंबुलेंस को बुलाया और अस्पताल में भर्ती कराया। दो की मौके पर ही मौत हो गई थी। श्रवण धीवर मंदिर हसौद रायपुर और नासिर हुसैन राजनांदगांव की मौके पर ही मौत हो गई। राहुल धीवर और रॉबिन सायमन घायल हो गए हैं। मृतक मुंह के बल सडक़ पर गिरने के कारण मौत हो गई। लोगों की सूचना के बाद मौके पर पुलिस पहुंची। श्रवण धीवर और राहुल धीवर खल्लारी मेला देखकर वापस लौट रहे थे।
वहीं दूसरी बाइक में रॉबिन सायमन और नासिर हुसैन थे। दोनों बाइक की रफ्तार तेज होने से टक्कर हुई और चारों सडक़ पर गिर गए। पिछले तीन महीने में कई लोग सडक़ दुर्घटना में अपनी जान गंवा चुके हैं। 83 मौतें इस बात की गवाही दे रही हैं कि सडक़ें अब सफर नहीं, खतरे का संकेत बन चुकी हैं।
आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले के 13 थाना क्षेत्रों में पिछले तीन महीनों के दौरान कुल 135 सडक़ हादसे दर्ज किए गए हैं। इन हादसों में 83 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 79 लोग घायल हुए हैं। ये सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि उन 83 परिवारों का दर्द है, जिनके घरों के चिराग हमेशा के लिए बुझ गए।
महासमुंद जिले के कोडार डेम में स्काउट-गाइड संगठन के जिला उपाध्यक्ष जय पवार (35) का शव मिला है। पुलिस ने शव को बरामद कर जांच शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार, जय पवार शुक्रवार सुबह अपनी स्कूटी से ग्राम भोरिंग के लिए निकले थे। भोरिंग जाने से पहले उन्होंने सुबह करीब 10:30 बजे अपने कुछ दोस्तों से मुलाकात की थी। इसके बाद वे भोरिंग में चल रहे एक निर्माण कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे और वहां मजदूरों से बातचीत की।
दोपहर लगभग 12 बजे पुलिस को कोडार डेम में एक शव होने की सूचना मिली। तुमगांव पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव को पानी से बाहर निकाला। बाद में शव की पहचान जय पवार के रूप में हुई।