महासमुंद

पैसों के लिए अस्पताल से भागकर बस में जन्म दिया बच्चें को, तस्वीरें हुई वायरल तो कहने लगी Sorry Sorry

शहर के दो बड़े सरकारी अस्पतालों में पहुंचने के बाद भी एक महिला ने बच्चे को एक बस में जन्म दिया

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May 16, 2018
baby birth in bus

महासमुंद. छत्तीसगढ़ में एक महिला ने अपनी ही लापरवाही से अपने मासूम बच्चे को खो दिया। प्रसव पीड़ा झेलते हुए शहर के दो बड़े सरकारी अस्पतालों में पहुंचने के बाद भी एक महिला का भीड़ भरी बस में बच्चें को जन्म देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। उसके बच्चे ने दम तोड़ दिया है। महिला अस्पताल में पड़ी है और सबको सॉरी-सॉरी बोल रही है।

जानकारी के अनुसार सरायपाली निवासी लीजा चौहान (बदला हुआ नाम) प्रसव पीड़ा होने पर जचकी के लिए सरायपाली के सरकारी अस्पताल पहुंची थी। लेकिन उसे महासमुंद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। वह महिला सोमवार को दोपहर करीब 1.40 बजे जिला अस्पताल पहुंची। उसे अस्पताल में भर्ती किया गया था, लेकिन उसकी जचकी नेशनल हाइवे-53 पर पिथौरा व सांकरा के बीच यात्रियों से भरी बस में हुई। रात में सोशल मीडिया वाट्सएप में घटना के फोटो वायरल हुए, तो सनसनी फैल गई। सवाल उठने लगे कि जो महिला प्रसव के लिए महासमुंद जिला अस्पताल पहुंची थी उसका प्रसव यात्री सांकरा के पास बस में किन परिस्थितियों में हुआ। शासन-प्रशासन और व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे थे। लेकिन जब पत्रिका ने घटना की पड़ताल की तो चौकाने वाली हकीकत सामने आई।

दरअसल सरायपाली सौ बिस्तर अस्पताल से रेफर होकर आई यह महिला जिला अस्पताल से अचानक गायब हो गई थी। अस्पताल के रिकार्ड के अनुसार महिला सोमवार को दोपहर 1.40 बजे जिला अस्पताल पहुंची। उसके साथ उसका पति, बच्ची और परिवार की एक अन्य महिला भी थी। महिला जचकी रूम में ले जाकर चेक किया गया। अस्पताल के डॉक्टर व स्टाफ ने बताया कि महिला के गर्भ को सात माह हुए थे। उसके बच्चे की धड़कन की आवाज मशीन में भी नहीं सुनाई दे रही थी। लेबर रूम में ही जांच के लिए महिला के ब्लड सैंपल लिए गए। बाद में उसे ड्रिप चढ़ाने के लिए नर्सेस गईं तो वह महिला गायब हो चुकी थी। काफी देर तक उसका कोई पता नहीं चला तो इसकी सूचना पुलिस को दी गई।

महिला ने रिकार्डेड बयान में बताया कि वह क्यों अस्पताल से अचानक गायब हो गई थी। उसका कहना है कि रास्ते में आते समय उसके पैसे कहीं गिर गए। साथ आए परिजनों के खाने-पीने या अन्य जरूरत के लिए पैसों की जरूरत पड़ेगी तो कैसे करेगी, यह सोचकर वह अस्पताल से बिना बताए चली गई थी। अपने बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंची तो सबसे माफी मांग रही थी। नवजात की मौत के बाद उसका शव लेकर पति और साथ आई सहयोगी महिला घर चले गए। वहीं प्रसूता अस्पताल के बेड पर निढ़ाल पड़ी थी और उसकी मासूम बच्ची का कोई देखने वाला नहीं था।

अस्पताल से बिना बताए निकली वह महिला अपने पति, बच्ची व साथ आई महिला के साथ वापस सरायपाली जाने के लिए बस से निकल पड़ी थी। प्रसव पीड़ा के साथ ही वह सरायपाली से 100 किमी का सफर कर आई थी और फिर 100 किमी सफर के लिए निकल पड़ी थी। रास्ते में पिथौरा व सांकरा के बीच उसकी प्रसव वेदना बढ़ गई और बस में ही जचकी हो गई। इसकी जानकारी होने पर बस चालक उन्हें लेकर सांकरा पीएससी पहुंचा, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे की नाजुक हालत को देखते हुए रायपुर जाने के लिए कहा गया।

लेकिन वह महिला अपने नवजात बच्चे को लेकर रात करीब 11.30 बजे वापस जिला अस्पताल पहुंची। उसे अपनी गलती का एहसास था और पूरे स्टॉफ को वह सॉरी-सॉरी बोल रही थी। अस्पताल में फौरन जच्चा-बच्चा का इलाज शुरू किया गया, लेकिन रात करीब 2 बजे उसके बच्चे ने दम तोड़ दिया। 7 महीने में ही पैदा हुआ उसका बच्चा मात्र 860 ग्राम वजन का था।

जिला अस्पताल के अस्पताल अधीक्षक डॉ. आरके परदल ने बताया कि महिला को भर्ती किया गया था, वह बिना बताए अचानक गायब हो गई। उसके परिवार वाले भी नहीं थे। ऐसे में पुलिस को सूचना दे दी गई थी। बाद में वह नवजात को लेकर आई और सबसे माफी मांगने लगी।

Published on:
16 May 2018 10:21 am
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