महासमुंद विधायक विमल चोपड़ा और उनके समर्थकों पर लाठी चार्ज के बाद प्रदेश के सियासी हलके में भारी गुस्सा है।
रायपुर. महासमुंद विधायक विमल चोपड़ा और उनके समर्थकों पर लाठी चार्ज के बाद प्रदेश के सियासी हलके में भारी गुस्सा है। इसकी झलक भाजपा के चंद्रपुर विधायक युद्घवीर सिंह जूदेव की सोशल मीडिया में किए उस तंज में मिलती है जिसमें उन्होंने लिखा है, जलते घर को देखने वालों फूस का छप्पर आपका है/ आपके पीछे तेज हवा है आगे मुकद्दर आपका है। उसके कत्ल पे मैं भी चुप था मेरा नम्बर अब आया। मेरे कत्ल पे आप भी चुप हैं अगला नम्बर आपका है। यह पोस्ट दिन भर चर्चा में रही जिसमें विधायक ने सभी जनप्रतिनिधियों को भविष्य का संकेत दे दिया है।
प्रदेश के ज्यादातर विधायक इसे प्रशासनिक आतंकवाद का नमूना बता रहे हैं। वहीं लाठी चलाने के लिए जिम्मेदार अफसरों को बर्खास्त करने की मांग भी उठी है। रायगढ़ से भाजपा विधायक रोशनलाल अग्रवाल बोले, पुलिस अधिकारी उदय किरण रायगढ़ और बिलासपुर में अमानवीय हरकतें कर चुके हैं, लेकिन इस बार तो अति हो गई। उन्हें तत्काल बर्खास्त करना चाहिए।
गुंडरदेही विधायक आरके राय ने भी अफसर को संस्पेंड करने और न्यायिक जांच कराने की मांग की। बहुजन समाज पार्टी के विधायक केशव चंद्रा ने विमल चोपड़ा से मुलाकात के बाद कहा, विधानसभा के मानसून सत्र में पहले ही दिन काम रोको प्रस्ताव लाकर सरकार से जवाब मांगा जाएगा। कृषि एवं जल संसाधन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, किसी जनप्रतिनिधि के साथ ऐसी घटना निंदनीय है। जांच के आदेश दे दिए गए हैं, जो भी दोषी होगा बख्शा नहीं जाएगा।
आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अमरजीत भगत ने कहा, घटना सरकार की दमनकारी नीति का जीता-जागता उदाहरण है। हर सामाजिक राजनीतिक आंदोलन में पुलिसिया कार्रवाई अमानवीय होती जा रही है। बसपा के केशव चंद्रा ने कहा, जनप्रतिनिधि अपनी बात नहीं रख पाएंगे तो न्याय की उम्मीद कहा बचेगी। मरवाही विधायक अमित जोगी ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया। संसदीय सचिव लखन देवांगन ने कहा, जनप्रतिनिधि के साथ इस तरह मारपीट तो नहीं होनी चाहिए।