आज यानी शनिवार को महराजगंज में हुई जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में जमकर हंगामा हुआ। आइए जानते हैं पूरा मामला।
यूपी के महराजगंज में जिला पंचायत बोर्ड की बैठक शनिवार को फिर से हंगामे का शिकार हो गई। जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति और उनके प्रतिनिधियों की मौजूदगी पर विधायकों के बीच विवाद उत्पन्न हुआ। फरेंदा विधायक ने जिला पंचायत में अनियमितताओं का आरोप लगाया।
कार्यवाही शुरू हुई तो फरेंदा विधायक वीरेंद्र चौधरी ने कहा कि शासनादेश के अनुसार बैठक में जनप्रतिनिधियों का उपस्थित होना जरूरी है। उन्होंने एएमए द्वारा जारी पत्र का पालन करने की मांग की। फरेंदा विधायक ने सांसद के प्रतिनिधि की उपस्थिति पर आपत्ति जताई, जिसके बाद सत्तारूढ़ दल के एक विधायक ने उसका बचाव किया, जिससे हंगामा बढ़ गया। सत्ताधारी विधायक ने कहा कि अगली बार से यह नियम लागू किया जाना चाहिए। जिला पंचायत सदस्यों ने सड़क, बिजली और पानी के मुद्दे उठाए। सदस्य सुरेश चंद्र साहनी ने वृद्धा, विधवा और दिव्यांगों के मामले में पात्रों को अपात्र न बनाने की बात की।
बैठक के दौरान, मंच पर उपस्थित सत्ताधारी दल के दो विधायक आपस में भिड़ गए। जनप्रतिनिधियों की बात और बजट को लेकर उनके बीच असहमति थी, जिसके चलते बातचीत तेज हो गई। नौतनवा विधायक ऋषि त्रिपाठी ने उन्हें शांत करने का प्रयास किया। ब्लॉक प्रमुख पनियरा वेद प्रकाश शुक्ल ने अपने क्षेत्र में जर्जर सड़कों का मुद्दा उठाया और बभनौली लक्ष्मीपुर देउरवा मार्ग के विशेष अनुरक्षण के लिए पत्र सौंपा।
कांग्रेस के फरेंदा विधायक वीरेंद्र चौधरी ने कहा कि जिला पंचायत में भारी कमीशन चल रहा है, जिसे उन्होंने विधानसभा में भी उठाया है। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत के 47 सदस्यों के बीच बचा हुआ धन विकास कार्यों के लिए बराबर बांट दिया जाना चाहिए, क्योंकि बजट का अधिकांश हिस्सा कर्मियों और अधिकारियों के वेतन में चला जाता है।